मिल्की वे के केंद्र में मिला अल्ट्रा-फास्ट पल्सर, वैज्ञानिकों में उत्साह
मिल्की वे आकाशगंगा के केंद्र के पास एक संभावित अल्ट्रा-फास्ट पल्सर की पहचान ने खगोल विज्ञान में नई हलचल पैदा कर दी है। यह खोज उस क्षेत्र के करीब बताई जा रही है जहां सुपरमैसिव ब्लैक होल Sagittarius A* स्थित है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि इस अल्ट्रा-फास्ट पल्सर की पुष्टि हो जाती है, तो यह आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता सिद्धांत की कड़ी परीक्षा ले सकता है।
शोधकर्ताओं के अनुसार यह एक मिलीसेकंड पल्सर हो सकता है, जिसकी घूर्णन अवधि लगभग 8 मिलीसेकंड के आसपास दर्ज की गई है। ऐसे पल्सर अत्यंत तेज गति से घूमते हैं और नियमित रेडियो तरंगें उत्सर्जित करते हैं। यही स्थिर संकेत वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में सटीक माप लेने में मदद करते हैं।
ब्लैक होल के पास मौजूद गुरुत्वाकर्षण बल स्पेस-टाइम को मोड़ देता है। यदि अल्ट्रा-फास्ट पल्सर उसके प्रभाव क्षेत्र में है, तो उसके सिग्नल में सूक्ष्म बदलाव दिखाई देंगे। इन बदलावों को मापकर वैज्ञानिक ब्रह्मांड के मूल नियमों को समझ सकते हैं।
यह अध्ययन अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत किया गया है। विशेषज्ञ अब अतिरिक्त अवलोकन कर रहे हैं ताकि इस खोज की पुष्टि की जा सके। यह खोज भविष्य में ब्लैक होल और न्यूट्रॉन तारों के अध्ययन को नई दिशा दे सकती है।
Durgesh Sharma | Suryoday Samachar
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. अल्ट्रा-फास्ट पल्सर क्या होता है?
यह एक न्यूट्रॉन तारा होता है जो मिलीसेकंड में घूमता है और नियमित रेडियो संकेत भेजता है।
2. यह खोज क्यों महत्वपूर्ण है?
क्योंकि इससे ब्लैक होल के पास गुरुत्वाकर्षण प्रभाव को मापा जा सकता है।
3. क्या यह खोज पुष्टि हो चुकी है?
फिलहाल यह संभावित उम्मीदवार है। आगे के अवलोकन जारी हैं।
