BAFTA में धर्मेंद्र ट्रिब्यूट की गूंज, इंटरनेशनल मंच पर भारतीय सिनेमा का सम्मान
Jai Sharma | Suryoday Samachar
BAFTA में धर्मेंद्र ट्रिब्यूट की गूंज ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स (BAFTA) के प्रतिष्ठित समारोह में दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर उनके लंबे फिल्मी करियर और योगदान को याद किया गया।
BAFTA में धर्मेंद्र ट्रिब्यूट की गूंज इसलिए भी अहम है क्योंकि धर्मेंद्र ने छह दशकों तक हिंदी सिनेमा में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने रोमांस, एक्शन और पारिवारिक फिल्मों में दमदार अभिनय किया। ‘शोले’ और ‘चुपके चुपके’ जैसी फिल्मों ने उन्हें हर पीढ़ी का पसंदीदा अभिनेता बनाया।
इंटरनेशनल स्टेज पर जब उनके करियर की झलक दिखाई गई, तो दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। यह पल भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए गर्व का क्षण बन गया। विशेषज्ञों का मानना है कि BAFTA में धर्मेंद्र ट्रिब्यूट की गूंज भारतीय सिनेमा के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का संकेत है।
फिल्म समीक्षकों के अनुसार, धर्मेंद्र की सादगी और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें अलग पहचान दी। यही वजह है कि आज भी वे दर्शकों के दिलों में बसे हैं। यह सम्मान उनके समर्पण और निरंतर मेहनत का परिणाम माना जा रहा है।
FAQ
प्रश्न 1: BAFTA में धर्मेंद्र को क्यों सम्मानित किया गया?
उत्तर: उनके छह दशक लंबे फिल्मी करियर और भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए।
प्रश्न 2: क्या यह सम्मान भारतीय सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण है?
उत्तर: हां, इससे भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है।
