Jai Sharma | Suryoday Samachar
देशभर में 1 अप्रैल 2026 से डिजिटल टोल पेमेंट अनिवार्य होने जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने संकेत दिए हैं कि सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पूरी तरह बंद किया जाएगा। अब वाहन चालकों को FASTag या UPI के जरिए ही टोल देना होगा।
सरकार का कहना है कि डिजिटल टोल पेमेंट से ट्रैफिक जाम कम होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। अभी देश के 1,150 से अधिक टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम लागू है। 98% से ज्यादा वाहनों में FASTag पहले से सक्रिय है। ऐसे में इस बदलाव से ज्यादातर लोगों को परेशानी नहीं होगी।
NHAI के अनुसार, कैश लेनदेन के कारण पीक आवर्स में लंबी कतारें लगती हैं। डिजिटल व्यवस्था से वाहन बिना रुके आगे बढ़ सकेंगे। इससे ईंधन की बचत होगी और समय भी बचेगा।
नियमों के तहत बिना एक्टिव FASTag के फास्टैग लेन में प्रवेश करने पर दोगुना टोल देना पड़ता है। वहीं UPI से भुगतान करने पर निर्धारित दर का 1.25 गुना शुल्क लिया जाता है। यह कदम डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
FAQ
प्रश्न 1: डिजिटल टोल पेमेंट कब से अनिवार्य होगा?
उत्तर: 1 अप्रैल 2026 से इसे लागू करने की तैयारी है।
प्रश्न 2: क्या कैश पूरी तरह बंद होगा?
उत्तर: हां, NHAI कैश ट्रांजेक्शन बंद करने की योजना बना रहा है।
प्रश्न 3: टोल कैसे भुगतान कर सकेंगे?
उत्तर: FASTag या UPI के जरिए ही भुगतान संभव होगा।

