देश के प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता हुई खतरनाक, दिल्ली-नोएडा में AQI 500 पार
देश के कई बड़े शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली और नोएडा में हवा की गुणवत्ता “खतरनाक” श्रेणी में दर्ज की गई है।
भारत के शहरों का AQI लगातार बिगड़ता जा रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
उत्तर भारत के शहरों में भी हवा खराब | लखनऊ, आगरा, जयपुर, अहमदाबाद और सूरत जैसे उत्तर भारत के शहरों में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है।
- लखनऊ: AQI 420, तापमान 18.1°C, आर्द्रता 38%।
- आगरा: AQI 282, तापमान 18°C, आर्द्रता 25%।
- जयपुर: AQI 108, तापमान 17.8°C, आर्द्रता 22%।
- अहमदाबाद: AQI 300, तापमान 18.2°C, आर्द्रता 68%।
- सूरत: AQI 258, तापमान 19.4°C, आर्द्रता 55%।
इन शहरों का भारत के शहरों का AQI खराब श्रेणी में बना हुआ है।
पश्चिम और दक्षिण भारत की स्थिति | मुंबई, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई में भी वायु गुणवत्ता मध्यम से अस्वस्थ स्तर पर दर्ज की गई।
- मुंबई: AQI 73, तापमान 26.1°C, आर्द्रता 61% (मध्यम)।
- हैदराबाद: AQI 88, तापमान 18°C, आर्द्रता 94% (मध्यम)।
- पुणे: AQI 115, तापमान 19.5°C, आर्द्रता 62% (खराब)।
- चेन्नई: AQI 162, तापमान 27°C, आर्द्रता 89% (अस्वस्थ)।
विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण भारत में हवा अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन धीरे-धीरे प्रदूषण का असर यहां भी दिखने लगा है।
पूर्वी और पहाड़ी राज्यों में राहत | कोलकाता, गुवाहाटी और श्रीनगर में वायु गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर रही।
- कोलकाता: AQI 143, तापमान 23°C, आर्द्रता 69%।
- गुवाहाटी: AQI 72, तापमान 22.3°C, आर्द्रता 100%।
- श्रीनगर: AQI 22, तापमान 1.1°C, आर्द्रता 32%।
विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में ठंडी हवाओं और कम औद्योगिक गतिविधियों के कारण भारत के शहरों का AQI संतुलित बना हुआ है।
AQI के स्तर और उनका अर्थ
| AQI रेंज | श्रेणी | स्वास्थ्य पर असर |
|---|---|---|
| 0–50 | अच्छा | सुरक्षित |
| 51–100 | मध्यम | सामान्य |
| 101–200 | खराब | अस्थमा, जलन |
| 201–300 | बहुत खराब | सांस की परेशानी |
| 301–400 | गंभीर | फेफड़ों पर असर |
| 401–500+ | खतरनाक | जीवन के लिए जोखिम |
दिल्ली, नोएडा और लखनऊ में वायु गुणवत्ता इस तालिका की सबसे ऊपरी श्रेणी यानी “खतरनाक” स्तर पर पहुंच चुकी है।
प्रदूषण के मुख्य कारण
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते वाहन उत्सर्जन, धूल प्रदूषण, फसल अवशेष जलाना, और निर्माण कार्य हवा को जहरीला बना रहे हैं। सर्दियों के दौरान ठंडी हवाएं और धुंध प्रदूषकों को फैलने नहीं देतीं, जिससे भारत के शहरों का AQI तेजी से बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में मास्क का उपयोग अनिवार्य करना चाहिए। सुबह और शाम के समय बाहरी गतिविधियों से बचना चाहिए। घर के अंदर एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल और पौधों की संख्या बढ़ाने से राहत मिल सकती है।
सरकारी एजेंसियों की चेतावनी
पर्यावरण मंत्रालय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों से अपील की है कि वाहन उपयोग कम करें और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाएं। सरकार ने दिल्ली-NCR में निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाने की सिफारिश भी की है।
