Supreme Court hearing in I-PAC raid caseसुप्रीम कोर्ट में I-PAC रेड मामला पर सुनवाई के दौरान बढ़ी सियासी गर्मी।

I-PAC रेड मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और कानूनी बहस का केंद्र बन गया है। सुप्रीम कोर्ट में हुई हालिया सुनवाई में पश्चिम बंगाल सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राज्य सरकार ने आरोप लगाया कि केंद्र विपक्ष शासित राज्यों में ED का दुरुपयोग कर रहा है।

दूसरी ओर, ED ने अदालत में स्पष्ट किया कि एजेंसी स्वतंत्र रूप से काम करती है और उसे बंगाल में कार्रवाई के दौरान बाधाओं का सामना करना पड़ा। यह I-PAC रेड मामला कथित ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है। CBI ने 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी, जबकि ED ने 28 नवंबर 2020 से जांच शुरू की।

8 जनवरी 2026 को कोलकाता में I-PAC कार्यालय और कंपनी के निदेशक के ठिकानों पर छापेमारी की गई। आरोप है कि हवाला के जरिए करीब ₹20 करोड़ की रकम ट्रांसफर हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह तय करना अदालत का काम है कि किसे धमकाया गया और कौन हथियार बना। अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।

Durgesh Sharma | Suryoday Samachar

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1: I-PAC रेड मामला क्या है?
यह कथित ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ी जांच है, जिसमें ED और CBI कार्रवाई कर रही हैं।

प्रश्न 2: ED ने छापा कब मारा?
ED ने 8 जनवरी 2026 को कोलकाता में छापेमारी की।

प्रश्न 3: सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने कहा कि मामले में आरोप-प्रत्यारोप की सच्चाई वही तय करेगी।

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