नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को गुपचुप और अवैध करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी पोल खोल दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत लंबे समय से पाकिस्तान के परमाणु हथियारों से जुड़ी अवैध गतिविधियों की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित करता रहा है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया वक्तव्य के बाद आया है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान सहित कुछ देशों पर गुप्त परमाणु परीक्षण करने के आरोप लगाए थे।
भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम न केवल नियमों का उल्लंघन करता है, बल्कि इसकी जड़ें अवैध परमाणु तकनीक तस्करी नेटवर्क से जुड़ी हैं। पाकिस्तान के परमाणु बम के जनक अब्दुल कादिर खान (A.Q. Khan) का नेटवर्क दुनिया भर में अवैध तकनीक के प्रसार में शामिल पाया गया था। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान की गतिविधियों पर गंभीर चिंता जता रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह मामला केवल सुरक्षा से नहीं बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता से जुड़ा है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र और IAEA से आग्रह किया है कि पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम की गहन जांच की जाए ताकि एशिया में परमाणु अस्थिरता को रोका जा सके।
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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. भारत ने पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को अवैध क्यों कहा?
भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु नियमों का उल्लंघन किया है और उसका कार्यक्रम गुप्त व अवैध गतिविधियों से जुड़ा है।
Q2. अब्दुल कादिर खान कौन थे?
अब्दुल कादिर खान पाकिस्तान के परमाणु बम के जनक माने जाते हैं, जिन पर परमाणु तकनीक की अवैध तस्करी के आरोप लगे थे।
Q3. क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस पर प्रतिक्रिया दी है?
हाँ, कई देशों ने पाकिस्तान से स्पष्टीकरण मांगा है और इस मामले की जांच की मांग की है।
Q4. भारत की आगे की रणनीति क्या है?
भारत वैश्विक संस्थाओं से पाकिस्तान की परमाणु गतिविधियों पर कार्रवाई और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है।
