Sankashti Chaturthi 2025 का व्रत भगवान गणेश को समर्पित एक विशेष पर्व है, जो हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष गणाधिप संकष्टी चतुर्थी शनिवार, 8 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन श्रद्धालु भगवान गणेश की पूजा करते हैं और चंद्र दर्शन के बाद अर्घ्य अर्पित कर व्रत खोलते हैं। माना जाता है कि इस दिन की गई आराधना से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
इस दिन पूजा में दूर्वा, सिंदूर, चंदन, लाल फूल और मोदक अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। विशेष रूप से 21 दूर्वा ‘श्री गणेशाय नमः दूर्वांकुरान् समर्पयामि’ मंत्र के साथ चढ़ाने से भगवान गणेश शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा शमी पत्र, नारियल और सुपारी अर्पित करना भी शुभ फल प्रदान करता है।
संकष्टी चतुर्थी के दिन तुलसी पत्र अर्पित नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह गणेश पूजा में अशुभ माना गया है। भक्तों को चाहिए कि वे इस दिन व्रत रखकर गणेश चालीसा या गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें। इससे मानसिक शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
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FAQs – Sankashti Chaturthi 2025
प्रश्न 1: Sankashti Chaturthi 2025 कब मनाई जाएगी?
उत्तर: यह व्रत शनिवार, 8 नवंबर 2025 को मनाया जाएगा।
प्रश्न 2: गणेश जी को कौन सी चीजें अर्पित करनी चाहिए?
उत्तर: दूर्वा, मोदक, शमी पत्र, सिंदूर, और नारियल अर्पित करना शुभ माना गया है।
प्रश्न 3: तुलसी पत्र क्यों नहीं चढ़ाया जाता?
उत्तर: तुलसी पत्र गणेश जी को अर्पित करना धार्मिक रूप से वर्जित माना गया है।
