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16 / 09 / 2024 रिपोर्ट शब्द द्वारा
“आरक्षण विरोधी राहुल गांधी: विदेशी दौरे पर कांग्रेस की ऐतिहासिक आलोचना और आरक्षण की सुरक्षा पर मोदी सरकार का जोर”
जिस तरह विदेश में जाकर राहुल गांधी ने इस तरह का काम किया है। राहुल गांधी जी के परदादा आरक्षण का विरोध करने का काम किया था और तत्कालीन सभी मुख्यमंत्री का निर्देश दिया था इस तरह श्रीमती इंदिरा गांधी भी इस देश में गरीबों को पिछड़ों को दलितों को आरक्षण नहीं मिले वह भी अपने राज्य में यही करते रही राहुल गांधी जी के पिताजी स्वर्गीय राजीव गांधी जी ने भी जब मंडल कमीशन इस देश में लाया गया तब भी गांधी परिवार में आरक्षण का विरोध किया पानी पी पीकर और आज आरक्षण विरोधी डीएनए राहुल गांधी का साबित हो गया कि विरोध में जाकर विदेश में जाकर उन्होंने विरोध करने का काम किया और कहा कि आरक्षण हम समाप्त कांग्रेस पार्टी लगातार माइनॉरिटी को आरक्षण देने का काम कभी आंध्र प्रदेश में करती है कभी कर्नाटक में करती है और जितने भी माइनॉरिटी यूनिवर्सिटी है इस देश में जब तक नरेंद्र मोदी की सरकार है आरक्षण को कोई छू नहीं सकता है ठाकुर जी को बिहार में मुख्यमंत्री बने तब भी बिहार में पहली बार आरक्षण जंक्शन के सहयोग के साथियों के सहयोग से दिया और देश में भी जब मंडल कमीशन को लाया गया जो श्रीमती इंदिरा गांधी ने ठंडे बस्ती में डालने का काम किया था जब देश में बीपी सिंह जी देश के प्रधानमंत्री हुए तो शारदे अटल बिहारी वाजपेई जी और लालकृष्ण समर्थन लेकर 84 सांसदों का समर्थन देकर आरक्षण की व्यवस्था किया राहुल गांधी के गोद में जी राहुल गांधी ने उनका पूरा जीवन राजनीतिक जीवन एक मुखिया बनने लायक भी नहीं छोड़ा जिस तरह लालू प्रसाद जी भी कभी आरक्षण नहीं थी आरक्षण देने का काम नहीं किया। इसलिए पूरी तरह एक्सपोज हो चुकी है कांग्रेस पार्टी हर कांग्रेस पार्टी और हिंदी गठबंधन के लोगों को स्पष्ट तौर पर बताना चाहिए यह चुनाव जब आता है तो कहते हैं कि संविधान विरोध करने वाले लोग स्वामी विवेकानंद जी 30 वर्ष की उम्र में जब अमेरिका गए तो दुनिया को यह संदेश किया कि भारत का यह साधु पूरी तरह ज्ञान का सागर लेकर आया और यहां 54 वर्षीय एक नौजवान विरोधी दल का नेता जब दूसरे देश में जाता है तो स्पष्ट तौर पर संदेश जाता है कि राहुल गांधी भारत को तोड़ने वाली शक्तियों के साथ आरक्षण के विरोधी है।
