“हाल ही में एक नई स्टडी से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बालों को रंगने और स्ट्रेट करने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। अमेरिका के एक प्रमुख हेल्थ इंस्टीट्यूट ने इस पर रिसर्च की है, जिसमें पाया गया कि इन प्रोडक्ट्स में मौजूद कुछ खास केमिकल्स कैंसर का कारण बन सकते हैं।”
- बालों के रंग और स्ट्रेटनिंग प्रोडक्ट्स में पाए जाने वाले केमिकल्स जैसे पैराफेनिलेनडायमाइन (PPD) और फॉर्मलडिहाइड लंबे समय तक इस्तेमाल से शरीर में कैंसर सेल्स को बढ़ावा दे सकते हैं।
- यह स्टडी विशेष रूप से महिलाओं पर केंद्रित थी। इसमें पाया गया कि नियमित रूप से इन प्रोडक्ट्स का उपयोग करने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 30% तक बढ़ सकता है।
- जिन महिलाओं ने हर 5-8 हफ्ते में इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया, उनमें जोखिम और भी अधिक था।
- हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन प्रोडक्ट्स के केमिकल्स स्किन के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं और लंबे समय में हानिकारक प्रभाव डाल सकते हैं।
- विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि प्राकृतिक या ऑर्गेनिक उत्पादों का उपयोग बेहतर विकल्प हो सकता है।
क्या करें बचाव के लिए?
- प्राकृतिक विकल्प अपनाएं:
- बालों को रंगने के लिए मेहंदी या अन्य हर्बल डाई का इस्तेमाल करें।
- केमिकल-फ्री प्रोडक्ट्स का चयन करें:
- ऐसी ब्रांड चुनें जो केमिकल-फ्री और ऑर्गेनिक उत्पाद बेचते हैं।
- उपयोग की सीमा तय करें:
- बालों को बार-बार रंगने और स्ट्रेट करने से बचें।
बालों को रंगने और स्ट्रेट करने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल केवल ब्यूटी को बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा भी बन सकता है। सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्पों को चुनकर आप अपने बालों और सेहत दोनों का ध्यान रख सकते हैं।
