केंद्र सरकार ने नया आधार ऐप 2025 लॉन्च किया है, जो डिजिटल सत्यापन को न केवल अधिक सुरक्षित बनाता है, बल्कि उपयोगकर्ता की गोपनीयता को भी प्राथमिकता देता है। इस ऐप को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राष्ट्रीय राजधानी में लॉन्च किया।

आधार सत्यापन अब आसान और गोपनीय

नए ऐप के ज़रिए अब नागरिकों को अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी देने या फिजिकल कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं होगी। केवल एक क्यूआर कोड स्कैन कर या फेस आईडी प्रमाणीकरण के ज़रिए आधार विवरण को डिजिटल रूप से साझा और सत्यापित किया जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की टिप्पणी

मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा:

“नया आधार ऐप, मोबाइल ऐप के जरिए फेस आईडी प्रमाणीकरण। कोई भौतिक कार्ड नहीं, कोई फोटोकॉपी नहीं।”

उन्होंने बताया कि इस तकनीक की मदद से उपयोगकर्ता केवल आवश्यक जानकारी ही साझा कर सकते हैं, और वह भी अपनी स्वीकृति से। इससे उनकी डिजिटल गोपनीयता और डेटा पर नियंत्रण सुनिश्चित होता है।

नया आधार ऐप 2025 की प्रमुख विशेषताएं

  • फेस आईडी प्रमाणीकरण से पहचान की पुष्टि
  • क्यूआर कोड स्कैन कर UPI जैसे सहज अनुभव के साथ आधार सत्यापन
  • उपयोगकर्ता की पूर्व अनुमति से सीमित डेटा साझा करना
  • फिजिकल कार्ड या फोटोकॉपी की जरूरत नहीं

होटल, दुकान और एयरपोर्ट पर भी आसान सत्यापन

अब उपयोगकर्ताओं को होटल, दुकान, हवाई अड्डा या यात्रा के दौरान अपने आधार की फोटोकॉपी जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

केवल एक स्कैन और फेस ID के साथ पहचान सत्यापित की जा सकेगी। यह पूरी प्रक्रिया न केवल तेज़ और भरोसेमंद है, बल्कि डिजिटल गोपनीयता की दृष्टि से भी सुरक्षित है।

बीटा चरण में है यह आधार ऐप

फिलहाल यह ऐप बीटा परीक्षण चरण में है। इसे मजबूत गोपनीयता सुरक्षा उपायों के साथ विकसित किया गया है। ऐप सुनिश्चित करता है कि किसी भी आधार डेटा में संपादन, जालसाजी या दुरुपयोग संभव न हो।

ऐप कैसे बदल सकता है पहचान सत्यापन का तरीका?

  • आधार कार्ड को बार-बार फोटोकॉपी करने की जरूरत खत्म
  • पूरी प्रक्रिया डिजिटल और यूज़र-कंट्रोल्ड
  • तेजी से सत्यापन – सरकारी कार्यालयों, निजी संस्थानों, यात्रा दस्तावेज़ों में उपयोग
  • उपयोगकर्ता को यह तय करने का अधिकार कि कौन-सी जानकारी साझा करनी है

डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) और AI के साथ एकीकरण की योजना

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि भारत के डिजिटल भविष्य को आकार देने में AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और DPI (Digital Public Infrastructure) की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने टेक इंडस्ट्री और स्टेकहोल्डर्स से DPI को और सशक्त बनाने के लिए AI एकीकरण के सुझाव मांगे हैं।

आधार: भारत की डिजिटल पहलों की नींव

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आधार अब भी भारत की कई प्रमुख डिजिटल सेवाओं की रीढ़ है – चाहे वह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) हो या डिजिलॉकर। इस नए ऐप के माध्यम से सरकार नागरिकों को अधिक नियंत्रण, सुरक्षा और सुविधा देने की ओर कदम बढ़ा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *