“दिल्ली और आसपास के राज्यों में भारी बारिश और हिमाचल-उत्तराखंड से छोड़े गए पानी की वजह से यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को यमुना का प्रवाह खतरे के निशान से ऊपर चला गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।“
सबसे ज्यादा असर यमुना बाजार इलाके में
- लोहा पुल (ओल्ड रेलवे ब्रिज) के पास हालात सबसे गंभीर हैं।
- यमुना बाजार के पास बने पुराने मंदिर तक पानी पहुंच गया है और यह लगभग डूबने की कगार पर है।
- तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि पानी किनारों से बाहर निकलकर निचले इलाकों में फैलने लगा है।
प्रशासन अलर्ट पर, राहत-बचाव की तैयारी
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
- यमुना किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
- सरकार ने कहा है कि जलस्तर की लगातार निगरानी हो रही है।
- जरूरत पड़ने पर राहत व बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जाएंगे।
हथनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर
- हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण दिल्ली और नोएडा में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
- नोएडा प्रशासन ने भी यमुना के आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है।
यमुना का जलस्तर: चेतावनी और खतरे की सीमा
- चेतावनी स्तर: 204.5 मीटर
- खतरे का स्तर: 205.3 मीटर
- निकासी की सीमा: 206 मीटर (इसके बाद बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाता है)
ओल्ड रेलवे ब्रिज (लोहा पुल) यमुना नदी के प्रवाह और बाढ़ के खतरे को मापने का प्रमुख केंद्र है।
