“विजय राज स्टारर फिल्म उदयपुर फाइल्स (Udaipur Files) 8 अगस्त 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता जरूर थी, क्योंकि इसकी कहानी उदयपुर में कन्हैयालाल जी की हत्या की सच्ची घटना पर आधारित है। लेकिन रिलीज के बाद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाई।“
फिल्म के निर्माताओं का कहना है कि यह स्थिति सिर्फ कंटेंट या स्टार पावर की वजह से नहीं, बल्कि बॉलीवुड में सक्रिय माफिया के कारण भी हुई।
निर्माता अमित जानी का आरोप: “फिल्म इंडस्ट्री में माफिया सक्रिय”
फिल्म निर्माता अमित जानी ने आरोप लगाया कि फिल्म इंडस्ट्री के भीतर एक माफिया सक्रिय है, जो संवेदनशील मुद्दों पर बनी फिल्मों को रिलीज होने से रोकने की कोशिश करता है।
उन्होंने कहा:
“ये फिल्म कन्हैयालाल जी की शहादत पर आधारित है और हमारा प्रयास है कि सच्चाई लोगों तक पहुंचे। लेकिन जब भी कोई फिल्म सच्चाई दिखाने की कोशिश करती है, तो उस पर दबाव बनाया जाता है।”
बड़े बैनर की फिल्मों से टकराव
अमित जानी का कहना है कि उनकी फिल्म की रिलीज ऐसे समय पर हुई जब बड़े बैनर की दो फिल्में रजनीकांत की कूली (Coolie) और हृतिक रोशन-जूनियर एनटीआर स्टारर वार 2 (War 2) सिनेमाघरों में लगी हुई थीं।
उन्होंने दावा किया कि:
- बड़े बजट और बड़े सितारों की इन फिल्मों के चलते उदयपुर फाइल्स को स्क्रीन नहीं मिल पाईं।
- थिएटर मालिकों पर दबाव बनाया गया कि वे उनकी फिल्म को ज्यादा शो न दें।
- फिल्म के विषय को लेकर भी राजनीतिक और फिल्मी हलकों से रुकावटें आईं।
क्या है उदयपुर फाइल्स की कहानी?
यह फिल्म 2022 में उदयपुर में हुई कन्हैयालाल जी की हत्या पर आधारित है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे समाज में कट्टरपंथ और असहिष्णुता बढ़ रही है और इसका असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है।
विजय राज ने फिल्म में अहम किरदार निभाया है, जबकि अमित जानी ने फिल्म के प्रोडक्शन की जिम्मेदारी संभाली।
निर्माता का उदयपुर दौरा और कन्हैयालाल के परिवार से मुलाकात
अमित जानी ने कहा कि उनका उदयपुर आने का मकसद सिर्फ फिल्म प्रमोशन नहीं था, बल्कि कन्हैयालाल जी के परिवार से मिलना और उन्हें श्रद्धांजलि देना भी था। उन्होंने बताया कि फिल्म उनके बलिदान की कहानी को जनता तक पहुंचाने की कोशिश है।
बॉलीवुड माफिया का मुद्दा क्यों गर्माता जा रहा है?
यह पहला मौका नहीं है जब बॉलीवुड में माफिया संस्कृति का मुद्दा उठा हो।
- कई बार छोटे निर्माताओं ने आरोप लगाया है कि बड़े प्रोडक्शन हाउस और स्टार्स की वजह से उनकी फिल्मों को थिएटर्स नहीं मिल पाते।
- ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी बड़े बैनर की फिल्मों और सीरीज को ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है।
- उदयपुर फाइल्स विवाद ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है।
बॉक्स ऑफिस पर उदयपुर फाइल्स का प्रदर्शन
रिलीज के शुरुआती हफ्ते में फिल्म की कमाई बेहद सीमित रही। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार:
- पहले दिन फिल्म ने 1 करोड़ से भी कम कमाई की।
- वीकेंड तक भी फिल्म 3-4 करोड़ का आंकड़ा पार नहीं कर सकी।
- इसके विपरीत, उसी समय रिलीज हुई कूली और वार 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शतक पार कर लिया।
यह तुलना दिखाती है कि बड़े बजट की फिल्मों के सामने छोटे बजट की फिल्में टिक नहीं पा रही हैं।
अमित जानी का संदेश
निर्माता का कहना है कि:
“हमें पता था कि हमारी फिल्म बड़े बजट की फिल्मों से टकरा रही है। लेकिन हमारा उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं था, बल्कि एक सच्ची घटना को लोगों तक पहुंचाना था। हम चाहते हैं कि कन्हैयालाल जी की शहादत को लोग याद रखें।”
उदयपुर फाइल्स भले ही बॉक्स ऑफिस पर खास सफलता हासिल नहीं कर पाई हो, लेकिन इसने एक बार फिर बॉलीवुड माफिया और बड़े बैनरों की दबंगई पर बहस छेड़ दी है। अमित जानी के आरोपों ने इंडस्ट्री की अंदरूनी राजनीति और छोटे निर्माताओं की चुनौतियों को उजागर किया है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा कितना तूल पकड़ता है और क्या छोटे निर्माताओं को वाकई न्याय मिल पाएगा या नहीं।
