झारखंड गौरव यात्रा ने चाईबासा में उत्साह और एकता का अनोखा माहौल बना दिया। सुबह से ही शहर की गलियों में मांदर की थाप और “जय झारखंड” के नारों की गूंज सुनाई दी। इस दौरान हजारों लोगों ने यात्रा में भाग लेकर झारखंड की संस्कृति और गौरव का प्रदर्शन किया।

यात्रा की शुरुआत वीर राम भगवान केरकेट्टा की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। उपायुक्त चंदन कुमार, एसडीओ संदीप अनुराग टोपनो और कई गणमान्य लोगों ने मशाल प्रज्वलित कर यात्रा का शुभारंभ किया। झारखंड गौरव यात्रा के दौरान पारंपरिक नृत्य, ढोल-नगाड़ों की थाप और रंगीन झांकियों ने वातावरण को और जीवंत बना दिया।

रूंगटा स्कूल, डीपीएस कॉलेज और कस्तूरबा गांधी विद्यालय के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सबका दिल जीत लिया। उद्योगपति मुकुंद रूंगटा और कई सामाजिक संगठनों—लायंस क्लब, रोटरी क्लब और मारवाड़ी युवा मंच — ने यात्रा का स्वागत किया। हर मोड़ पर लोगों ने फूल बरसाकर “जय झारखंड” के नारे लगाए।

उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा कि दैनिक जागरण और Suryoday Samachar जैसे मीडिया संस्थान इस यात्रा के जरिए झारखंड की आत्मा को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यह गौरव यात्रा राज्य की 25 वर्ष की उपलब्धियों का प्रतीक बन गई है।


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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

प्रश्न 1: झारखंड गौरव यात्रा का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: राज्य की संस्कृति, एकता और विकास की भावना को लोगों तक पहुंचाना।

प्रश्न 2: झारखंड गौरव यात्रा में कौन शामिल हुए?
उत्तर: प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।

प्रश्न 3: यात्रा की खासियत क्या रही?
उत्तर: मांदर की थाप, पारंपरिक नृत्य और “जय झारखंड” के नारों ने पूरे चाईबासा को झारखंडी रंग में रंग दिया।

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