Durgesh Sharma | Suryoday Samachar
मिडिल ईस्ट में जारी इजराइल-ईरान जंग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति और संवाद का संदेश दिया है। दिल्ली में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान सैन्य संघर्ष से नहीं निकलता। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और कूटनीति का समर्थन करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही देश लोकतांत्रिक मूल्यों, अंतरराष्ट्रीय कानून और संवाद में विश्वास रखते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इजराइल-ईरान जंग जैसी परिस्थितियों में बातचीत ही स्थायी समाधान का रास्ता बन सकती है।
मिडिल ईस्ट में पिछले कुछ दिनों से संघर्ष तेज हो गया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं हजारों लोग घायल हुए हैं और कई शहरों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक युद्ध के दौरान हजारों बम गिराए गए हैं और कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला किया है। इससे पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
भारत ने एक बार फिर वैश्विक समुदाय से अपील की है कि इजराइल-ईरान जंग को जल्द खत्म किया जाए और शांति की दिशा में कदम उठाए जाएं।
FAQ
1. इजराइल-ईरान जंग को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि सैन्य संघर्ष किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है और विवादों का हल संवाद से होना चाहिए।
2. इजराइल-ईरान जंग में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस संघर्ष में अब तक एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
3. भारत का इस जंग पर क्या रुख है?
भारत ने शांति, कूटनीति और बातचीत के जरिए समाधान का समर्थन किया है।
4. इस जंग का वैश्विक असर क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार इससे क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

