देश में भारत में लापता बच्चे के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट के अनुसार 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 33,577 बच्चे लापता हुए। इनमें से 7,777 बच्चों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। यह आंकड़ा बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े करता है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लापता बच्चे के सबसे ज्यादा मामले पश्चिम बंगाल से सामने आए हैं। यहां 19,145 बच्चे लापता हुए। इनमें से 15,465 बच्चों को ढूंढ लिया गया, लेकिन 3,680 बच्चे अभी भी लापता हैं। इसके बाद मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर है, जहां 4,256 बच्चे गायब हुए। इनमें से 1,059 बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला।
हरियाणा में 2,209 बच्चों के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज हुई है। केरल में 1,696 और ओडिशा में 1,624 बच्चे लापता हुए। वहीं छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और राजस्थान में भी ऐसे मामलों की संख्या सैकड़ों में है। दूसरी ओर कुछ राज्यों में रिकवरी रेट बेहतर रहा है। महाराष्ट्र और तमिलनाडु में कई बच्चे दूसरे राज्यों से बरामद किए गए।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, लक्षद्वीप और दादरा-नगर हवेली में इस अवधि में बच्चों के गुम होने की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में लापता बच्चे की समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें घर से भागना, मानव तस्करी, बाल श्रम और ऑनलाइन संपर्क भी शामिल हैं। इसलिए परिवार और प्रशासन दोनों को मिलकर बच्चों की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
Durgesh Sharma | Suryoday Samachar
FAQ
प्रश्न 1: भारत में कितने बच्चे लापता हुए हैं?
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 2025–2026 के बीच 33,577 बच्चे लापता हुए।
प्रश्न 2: सबसे ज्यादा बच्चे किस राज्य में लापता हुए?
पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 19,145 बच्चों के गुम होने के मामले दर्ज हुए।
प्रश्न 3: कितने बच्चे अभी तक नहीं मिले?
देशभर में 7,777 बच्चों का अब तक पता नहीं चल पाया है।
प्रश्न 4: किन राज्यों में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ?
नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, लक्षद्वीप और दादरा-नगर हवेली में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।

