उत्तर प्रदेश में UP स्मार्ट मीटर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रदेश में लगाए गए स्मार्ट मीटरों में वही तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं, जो पहले भी रिपोर्ट में बताई गई थीं। इससे उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।वर्ष 2019 से 2022 के बीच लगाए गए लाखों स्मार्ट मीटरों में बिलिंग गड़बड़ी, नेटवर्क समस्या और अलर्ट सिस्टम की कमी जैसी शिकायतें आई थीं। इसके बाद ऊर्जा मंत्रालय ने वर्ष 2023 में जांच कराई थी। उस रिपोर्ट में सुधार के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे,
लेकिन समय पर उन्हें लागू नहीं किया गया।आज स्थिति यह है कि UP स्मार्ट मीटर विवाद में फिर वही मुद्दे सामने हैं। कई उपभोक्ताओं को गलत बिल मिल रहे हैं। एसएमएस अलर्ट सेवा भी कई क्षेत्रों में काम नहीं कर रही है। लो बैलेंस अलर्ट फीचर की कमी से अचानक बिजली कटने की समस्या बढ़ी है।सरकार ने अब मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ टीम गठित की है। उम्मीद है कि इस बार रिपोर्ट के आधार पर ठोस कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, जब तक सिस्टम पूरी तरह सही नहीं होता, उपभोक्ताओं की परेशानी कम होना मुश्किल है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: UP स्मार्ट मीटर विवाद क्या है?
यह विवाद स्मार्ट मीटरों में बार-बार सामने आ रही तकनीकी खामियों और गलत बिलिंग से जुड़ा है।
प्रश्न 2: उपभोक्ताओं को क्या समस्या हो रही है?
गलत बिल, नेटवर्क समस्या और अलर्ट सिस्टम की कमी से उपभोक्ता परेशान हैं।
प्रश्न 3: क्या इस पर जांच हो रही है?
हां, सरकार ने विशेषज्ञ टीम बनाकर जांच शुरू कर दी है।
Prem Chand | Suryoday Samachar

