झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में आज सावन की दूसरी सोमवारी पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर लगभग 108 किलोमीटर की कठिन यात्रा करने के बाद लाखों कांवड़िये बाबा की नगरी पहुंचे और जलार्पण किया।

4:07 बजे खुला मंदिर का कपाट, शुरू हुआ जलार्पण

सोमवार सुबह 4:07 बजे पारंपरिक पूजा के बाद मंदिर का कपाट खोला गया। इसके तुरंत बाद जल चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। सुबह 8 बजे तक श्रद्धालुओं की लाइन 10 किलोमीटर लंबी हो चुकी थी।

अनुमान: आज के दिन 3 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा को जल चढ़ा सकते हैं।

धार्मिक महत्त्व: विष्णु ने भी चढ़ाया था जल

बाबा धाम के तीर्थ पुरोहित लंबोहर परिहस्त के अनुसार, इस वर्ष सावन की दूसरी सोमवारी के साथ कामदा एकादशी का विशेष संयोग है। धार्मिक मान्यता है कि:

भगवान विष्णु ने स्वयं बाबा बैद्यनाथ पर जल चढ़ाकर दुनिया के कल्याण की प्रार्थना की थी।

इसी कारण आज जल चढ़ाने को विशेष पुण्य देने वाला दिन माना गया है।

विशेष रात्रि पूजा में रुद्राभिषेक

आज रात 10 बजे बाबा धाम में विशेष बेलपत्र पूजा आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी बेलपत्र अर्पित कर रुद्राभिषेक करेंगे। यह पूजा भक्तों के कल्याण और विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए की जाएगी।

प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था

देवघर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए हैं:

  • वीआईपी और वीवीआईपी दर्शन पर प्रतिबंध
  • स्पर्श दर्शन और आउट ऑफ टर्न दर्शन भी वर्जित
  • सभी श्रद्धालुओं के लिए अरघा के माध्यम से जलार्पण की व्यवस्था
  • कंट्रोल रूम और CCTV निगरानी
  • प्राथमिक चिकित्सा और जल आपूर्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं।

उपायुक्त ने किया मेला कंट्रोल रूम का निरीक्षण

देवघर के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने सोमवार सुबह मेला कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा में पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

बाबा बैद्यनाथ धाम: 12 ज्योतिर्लिंगों में एक

  • यह मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
  • मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
  • सावन के महीने में यह तीर्थ शिव भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है।

श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक निर्देश

  1. केवल अरघा प्रणाली से जल चढ़ाने की अनुमति
  2. भारी सामान और मोबाइल ले जाना वर्जित
  3. प्राथमिक चिकित्सा बूथ हर 500 मीटर पर
  4. भीड़ से बचने के लिए समयबद्ध दर्शन का पालन करें
  5. प्रशासन के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य

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