भारत में मछली उत्पादन 10 साल में दोगुना
“पिछले दस वर्षों में भारत मछली उत्पादन ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्ष 2013-14 में कुल उत्पादन 96 लाख टन था, जो 2024-25 में बढ़कर 195 लाख टन तक पहुँच गया। यह 104 प्रतिशत की वृद्धि है, जिसने भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बना दिया है।”
Suryoday Samachar की रिपोर्ट के अनुसार, अंतर्देशीय मत्स्य पालन ने इस विकास में सबसे अहम योगदान दिया है। 2013-14 में जहाँ 61 लाख टन मछली का उत्पादन हुआ था, वहीं अब यह बढ़कर 147.37 लाख टन तक पहुँच चुका है। इसका श्रेय आधुनिक तकनीकों, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण इलाकों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने वाली नीतियों को जाता है।
आज भारत मछली उत्पादन न केवल खाद्य सुरक्षा को मजबूत कर रहा है, बल्कि तटीय और ग्रामीण इलाकों में लाखों परिवारों को रोज़गार और आय का साधन भी उपलब्ध करा रहा है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना (PM-MKSSY) ने इस क्षेत्र को नई दिशा दी है। किसान क्रेडिट कार्ड जैसी पहल ने छोटे मछुआरों और मत्स्य पालकों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे वे नई तकनीकों को अपना पा रहे हैं।
Suryoday Samachar मानता है कि आने वाले वर्षों में भारत मछली उत्पादन और अधिक गति पकड़ेगा। इससे घरेलू खपत के साथ-साथ निर्यात में भी तेजी आएगी और भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

