दिल्ली हाई कोर्ट ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए एक नया पोर्टल शुरू किया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की गरिमा सुनिश्चित करना और उनके खिलाफ होने वाले उत्पीड़न को प्रभावी तरीके से रोकना है। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह ने महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर उचित व्यवहार की आवश्यकता पर जोर दिया।

महिलाओं की गरिमा की सुरक्षा हमारा दायित्व: न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह

न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह ने कहा, “महिलाओं को दान की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उनकी गरिमा सुनिश्चित करना हमारा दायित्व है।” उन्होंने यह भी कहा कि पुरुषों को यह समझना चाहिए कि किस प्रकार के शब्द या कृत्य महिलाओं को असहज बना सकते हैं। इस पहल के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उचित व्यवहार सीखने की आवश्यकता

न्यायमूर्ति सिंह ने कार्यस्थल पर पुरुषों से उचित व्यवहार अपनाने की अपील की और कहा कि महिलाओं की असुविधाओं का सम्मान करना और उनका समाधान करना सीखना चाहिए। उन्होंने पोर्टल के शुभारंभ को एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि हालांकि यह एक छोटा कदम हो सकता है, लेकिन यह एक लंबी यात्रा की शुरुआत है।

कार्यस्थल को अवसर और रचनात्मकता का स्थान होना चाहिए

न्यायमूर्ति सिंह ने कार्यस्थल को अवसर, उपलब्धियों और रचनात्मकता का स्थान बताया, और यह कहा कि इसे भय और चिंता का कारण बनने वाला स्थान नहीं बनना चाहिए।

बेटी बचाओ, बेटा पढ़ाओ की बात

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने कहा कि हमारे समाज में बेटों को ज्यादा संवेदनशील बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के नारे का जिक्र करते हुए एक नया दृष्टिकोण पेश किया और कहा कि बेटों को भी संवेदनशील बनाने की जरूरत है ताकि वे महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान को समझ सकें।

समाज में सच्चाई से आंखें मूंदना

मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा कि हमारे समाज में कई बार सांस्कृतिक और सामाजिक कारणों से हम सच्चाई से आंखें मूंद लेते हैं। कार्यस्थल, घर या किसी अन्य स्थान पर होने वाली घटनाओं से हम अनजान बने रहते हैं। उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति से अपील की कि वे सुलह प्रक्रिया को प्राथमिकता दें और यदि आवश्यक हो तो मामले की जांच कर उसे आगे बढ़ाएं।

दिल्ली हाई कोर्ट का यह कदम महिलाओं के अधिकारों और उनके खिलाफ होने वाले उत्पीड़न से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह पोर्टल महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने का भी काम करेगा। कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करने के लिए यह एक बड़ा कदम है।

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