पिछले कुछ महीनों से, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के स्कूलों के नाम आते-जाते रहे हैं और हाल के दिनों में एक के बाद एक बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं। शनिवार को फिर से कुछ स्कूलों को संदिग्ध ईमेल मिले, जिनमें स्पष्ट रूप से धमकी दी गई कि स्कूलों में बम रखा गया है। इस घटना ने छात्रों, अभिभावकों और प्रशासन को चिंतित कर दिया है। दिल्ली स्कूलों को बम धमकी का यह सिलसिला पिछले कुछ महीनों से लगातार जारी है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

धमकी वाले ईमेल से फैला हड़कंप

शनिवार की सुबह दिल्ली के नजफगढ़ में कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल, कुतुब मीनार क्षेत्र में सर्वोदय सीनियर सेकंडरी स्कूल और द्वारका के डीपीएस स्कूल ईमेल मिलने के बाद धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद चर्चा का केंद्र बन गए। दिल्ली के स्कूलों को बम धमकी के संदेश मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन स्कूलों को खाली करा दिया। स्टाफ और छात्रों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया और बम निरोधक दस्ते ने परिसर की गहन तलाशी शुरू कर दी।

Police action and investigation

दिल्ली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को लगाया। स्कूलों की बारीकी से तलाशी ली गई। हालांकि, अब तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला। इसके बावजूद पुलिस ने कहा है कि दिल्ली स्कूलों को बम धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता और हर सूचना की गहन जांच की जाएगी।

पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां

यह शुरूआती नहीं है जब दिल्ली के स्कूलों पर धमकी पड़ी हो। पिछले कुछ महीनों में कई स्कूलों को ईमेल और कॉल कर धमकियां दी गई थीं। अधिकांश केसों में धमकियां अफवाह साबित हुईं, लेकिन पुलिस ने हर बार तत्काल कार्रवाई करके सुरक्षा की गारंटी दी। दिल्ली स्कूलों को बम धमकी का यह शृंखला अब शिक्षार्थियों और उनके माता-पिता के लिए गंभीर चिंता का विषय हो गया है

अस्पताल और अदालत भी निशाने पर

Schools apart, दिल्ली के अस्पतालों और अदालतों ने भी इस तरह की धमकियों का सामना किया है। 13 सितंबर को शालीमार बाग, द्वारका और साकेत स्थित मैक्स अस्पतालों को बम धमकी वाले ईमेल पहुँचे थे। इसी प्रकार, दिल्ली हाईकोर्ट को भी हाल ही में एक धमकी भरा ईमेल आया था, जिसमें दावा किया गया था कि परिसर में तीन बम प्लांट किए गए हैं। जांच के बाद यह धमकियां भी गलत साबित हुईं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को बार-बार अलर्ट रहना पड़ा।

धमकी में राजनीतिक साजिश का जिक्र

कुछ ईमेल में न केवल बम धमकी दी गई थी बल्कि इसमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और राजनीतिक परिवारों का नाम भी लिया गया। एक धमकी में कहा गया था कि जुमे की नमाज के तुरंत बाद हाईकोर्ट में धमाका होगा। हालांकि, ये सभी ईमेल जांच में फर्जी पाए गए, लेकिन दिल्ली के स्कूलों को बम धमकी और अदालत-अस्पताल पर मिली धमकियां यह हिंदाती हैं कि मामला सिर्फ अफवाह नहीं बल्कि गंभीर साजिश की ओर इशारा कर सकता है।

छात्रों और अभिभावकों की चिंता

त急 स्कूल खाली कराए जाने ने छात्रों में डर का वातावरण बना दिया है। अभिभावक भी चिंतित हैं कि बार-बार इस तरह की घटनाएं उनके बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकती हैं। कई माता-पिता कहते हैं कि लगातार मिल रही धमकियों से बच्चे असुरक्षा का भाव महसूस कर रहे हैं। दिल्ली के स्कूलों को बम धमकी ने शिक्षा व्यवस्था और सुरक्षा दोनों पर कदम धरे हैं।

सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए स्कूलों की सुरक्षा बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है। हर स्कूल में सीसीटीवी कैमरे, सिक्योरिटी गार्ड और इमरजेंसी अलार्म सिस्टम होना चाहिए। साथ ही, साइबर टीम को ईमेल ट्रेस करने और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। दिल्ली स्कूलों को बम धमकी का असर तभी कम किया जा सकता है जब सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो।

साइबर क्राइम की जांच

पुलिस मानती है कि ये धमकियां साइबर क्राइम से संबंधित हो सकती हैं। ईमेल भेजने वाले अज्ञात IP एड्रेस की पहचान के लिए साइबर सेल काम कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश बार इस तरह की धमकियां विदेशी सर्वर पर आती हैं, जिससे जांच कठिन हो जाती है। लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह सभी सुराग पर काम कर रही हैं।

आम जनता के प्रति अनुरोध

पुलिस ने जनता से अनुरोध किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि हुई खबरें न फैलाएं। दिल्ली स्कूलों को बम धमकी जैसे घटनाओं में गलत जानकारी का फैलाव हालात को और खराब कर सकता है।

दिल्ली में लगातार मिल रही बम धमकियां चिंता का विषय बन गई हैं। स्कूल, अस्पताल और अदालतें निशाने पर आ रही हैं। हालांकि, हर बार जांच में धमकियां झूठी साबित हुई हैं, लेकिन प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह गंभीर चुनौती है। ऐसे में ज़रूरी है कि सुरक्षा तंत्र को और मजबूत किया जाए और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए।

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