“पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और हमास के बीच गाजा संघर्ष को समाप्त करने और बंधकों की रिहाई के लिए जल्द समझौते की अपील की है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा:“
“गाजा में समझौता करें। बंधकों को वापस लाएं।”
नेतन्याहू पर परोक्ष दबाव: समझौता जल्द कराने की भविष्यवाणी
ट्रंप की यह टिप्पणी सीधे तौर पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर युद्धविराम डील को अंतिम रूप देने का दबाव मानी जा रही है। ट्रंप इससे पहले यह दावा भी कर चुके हैं कि एक हफ्ते के भीतर इस डील पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।
नेतन्याहू पर मुकदमे की आलोचना: डील में बाधा का संकेत
ट्रंप ने इससे पहले नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे अपराध मुकदमों को “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई:
- गंभीर न्यायिक मजाक है
- यह ईरान और हमास के साथ चल रही वार्ताओं में बाधा डाल सकती है
नेतन्याहू को ‘युद्ध नायक’ बताया
ट्रंप ने नेतन्याहू की तारीफ करते हुए उन्हें एक “वॉर हीरो” कहा। उन्होंने यह भी कहा कि नेतन्याहू ने:
- अमेरिका के साथ मिलकर
- ईरान के न्यूक्लियर खतरे को नियंत्रित करने में
- बेहतरीन काम किया है
ट्रंप की मध्यस्थता की भूमिका
पूर्व राष्ट्रपति ने दावा किया है कि उन्होंने उन लोगों से बातचीत की है जो:
- युद्धविराम लाने
- और बंधकों की सुरक्षित रिहाई में
- सीधे तौर पर शामिल हैं
7 अक्टूबर 2023 की घटना: संघर्ष की शुरुआत
- 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल के नोवा फेस्टिवल पर बड़ा हमला किया
- करीब 1,200 लोगों की जान गई
- 251 लोग बंधक बना लिए गए
- कुछ बंधकों को बातचीत और सैन्य अभियान के ज़रिए छुड़ाया गया
युद्धविराम पर राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव
ट्रंप का यह बयान उस वक्त आया है जब:
- गाजा संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है
- अमेरिका, मिस्र और कतर जैसे देशों की ओर से मध्यस्थता प्रयास चल रहे हैं
- नेतन्याहू की घरेलू राजनीति पर भी काफी दबाव है
क्या ट्रंप की मध्यस्थता से हल निकलेगा?
यह देखना दिलचस्प होगा कि:
- ट्रंप के इस बयान का नेतन्याहू और इजरायल सरकार पर क्या असर पड़ता है
- क्या वाकई एक हफ्ते के भीतर कोई समझौता हो पाता है
- या यह बयान केवल राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है
