डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत और अमेरिका ने 10 वर्षीय भारत-अमेरिका रक्षा समझौता पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों का नया अध्याय माना जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस समझौते को “रक्षा साझेदारी के नए युग की शुरुआत” बताया। यह समझौता रक्षा उद्योग, तकनीकी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करेगा।
कुआलालंपुर में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी समकक्ष पीट हेगसेथ ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता न केवल रक्षा संबंधों को दिशा देगा, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और सहयोग को भी नई गति प्रदान करेगा। इसमें Hindustan Aeronautics Limited (HAL) और GE Aerospace के बीच एफ-414 जेट इंजन के संयुक्त उत्पादन पर चर्चा भी शामिल है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न 1: भारत-अमेरिका रक्षा समझौते की अवधि कितनी है?
उत्तर: यह समझौता 10 वर्षों के लिए किया गया है।
प्रश्न 2: इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य रक्षा उद्योग और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है।
प्रश्न 3: इस समझौते से कौन-कौन से क्षेत्र लाभान्वित होंगे?
उत्तर: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को मजबूती मिलेगी।
