“भारत के शेयर बाजार में बुधवार के सत्र में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स 176.43 अंक या 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,536.08 पर और निफ्टी 46.40 अंक या 0.18 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,476.10 पर बंद हुआ। इसके बावजूद, कुछ सेक्टरों में तेजी देखी गई, जबकि वेदांता के शेयर पर वायसराय रिसर्च की रिपोर्ट ने दबाव डाला।“
लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप में मिश्रित कारोबार
सेंसेक्स में शामिल लार्जकैप कंपनियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी मिलाजुला कारोबार हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 75.85 अंक या 0.13 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 59,339.60 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 112.20 अंक या 0.59 प्रतिशत की बढ़त देखी गई, जो 19,007.40 पर बंद हुआ।
वेदांता पर वायसराय रिसर्च रिपोर्ट का असर
वायसराय रिसर्च, एक अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म, ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें दावा किया गया कि वेदांता समूह एक “पोन्जी स्कीम” जैसा काम कर रहा है। इस रिपोर्ट के कारण, वेदांता के शेयर पर दबाव पड़ा, और यह 3.29 प्रतिशत गिरकर 441.30 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, वेदांता की ओर से इस दावे का खंडन किया गया और इसे निराधार बताया गया।
वेदांता के शेयर में गिरावट के बावजूद, भारत के निवेशकों का वैश्विक निवेश पर ध्यान केंद्रित हो रहा है, और यह घटना एक संकेत है कि बाजार में सतर्कता बनी हुई है।
सेक्टोरल प्रदर्शन: ऑटो, फाइनेंशियल, फार्मा और एफएमसीजी में बढ़त
सेंसेक्स के विभिन्न सेक्टरों में कारोबार के अलग-अलग परिणाम देखने को मिले। ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और एफएमसीजी के स्मॉल और लार्जकैप में हरे निशान में बंद हुए, जबकि आईटी, पीएसयू बैंक, मेटल, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी और प्राइवेट बैंक के शेयरों में लाल निशान देखने को मिले।
विशेषकर, एफएमसीजी कंपनियों के परिणामों ने बाजार में सकारात्मक धारणा बनाई है। बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि मुद्रास्फीति में कमी, अच्छे मानसून और ग्रामीण मांग में वृद्धि की वजह से एफएमसीजी सेक्टर में सुधार हो सकता है।
सेंसेक्स पैक में प्रमुख गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक में प्रमुख गेनर्स में बजाज फाइनेंस, एचयूएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, इटरनल (जोमैटो), बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल थे।
वहीं, टॉप लूजर्स में एचसीएल टेक, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज का नाम रहा।
निवेशकों की धारणा: घरेलू आय और विकास पर ध्यान
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, भारत के प्रमुख सूचकांक सीमित दायरे में रहे हैं, जबकि घरेलू उपभोग निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहा है।
एफएमसीजी कंपनियों की शुरुआती टिप्पणियों से सुधार के संकेत मिल रहे हैं, जो मुद्रास्फीति में कमी, अच्छे मानसून और बढ़ती ग्रामीण मांग से प्रेरित हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक व्यापार तनाव और कमोडिटी टैरिफ के बावजूद, निवेशकों का ध्यान अब घरेलू आय और संरचनात्मक विकास कारकों पर बढ़ रहा है, जिसमें शहरी मांग में सुधार और बुनियादी ढांचे पर खर्च में वृद्धि शामिल है।
भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला कारोबार होने के बावजूद, निवेशक सटीक दिशा में अपने निवेश को बनाए रखे हुए हैं।
वेदांता पर रिपोर्ट का असर था, लेकिन अन्य सेक्टर्स में प्रदर्शन में सुधार होने से बाजार में ध्यान केंद्रित रहा।
