संसद का मानसून सत्र 2025 आज यानी सोमवार से प्रारंभ हो गया है। यह सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 21 बैठकें होंगी। स्वतंत्रता दिवस समारोह के कारण 12 से 17 अगस्त तक संसद की कार्यवाही स्थगित रहेगी और फिर 18 अगस्त से दोबारा शुरू होगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की सदन में सहयोग की अपील
सत्र की शुरुआत से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी सांसदों और राजनीतिक दलों से शांति और सहयोग की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा:
“लोकतंत्र के इस पवित्र मंदिर में जनाकांक्षाओं की अभिव्यक्ति और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी सांसदों की सामूहिक भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने सभी दलों से स्वस्थ संवाद, समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक प्रगति पर रचनात्मक चर्चा करने का अनुरोध किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सत्र की शुरुआत में
मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद को संबोधित करेंगे। उनका यह भाषण सरकार के एजेंडे और आगामी विधायी कार्यक्रम की दिशा को स्पष्ट करेगा।
इस बार सत्र में 8 महत्वपूर्ण विधेयकों की तैयारी
सरकार इस मानसून सत्र में 8 प्रमुख विधेयक पेश करने की योजना में है। इनमें शामिल हैं:
- जीएसटी संशोधन विधेयक
- आयकर (टैक्स) कानून संशोधन विधेयक
- जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक
- राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक
- भारतीय बंदरगाह नीति विधेयक
- खनिज कानून संशोधन विधेयक
- भू-विरासत स्थल संरक्षण विधेयक
- नेशनल एंटी-डोपिंग संशोधन विधेयक
विपक्ष के मुद्दे: अंतरराष्ट्रीय और घरेलू प्रश्नों पर सवाल
विपक्ष ने भी मानसून सत्र के दौरान कई मुद्दों को उठाने की योजना बनाई है, जिनमें शामिल हैं:
ट्रंप की मध्यस्थता पेशकश पर सरकार से जवाब
विपक्ष ने सरकार से पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-पाकिस्तान शांति वार्ता में मध्यस्थता की पेशकश पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सवाल
बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष ने प्रक्रिया की पारदर्शिता और समयसीमा पर सवाल खड़े किए हैं। इस पर संसद में बहस होने की संभावना है।
सत्र का महत्व: विविधता में एकता और संविधान की मजबूती
लोकसभा अध्यक्ष ने इस सत्र को संविधान के मूल्यों, विविधता में एकता और जनतांत्रिक परंपरा को मजबूती देने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह सत्र राष्ट्रीय हितों को केंद्र में रखकर सार्थक और सकारात्मक चर्चाओं का मंच बनेगा।
सत्र की संरचना और समयसीमा
| तत्व | विवरण |
|---|---|
| सत्र का नाम | संसद का मानसून सत्र 2025 |
| समय अवधि | 21 जुलाई – 21 अगस्त 2025 |
| कुल बैठकें | 21 |
| विश्राम अवधि | 12 – 17 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस समारोह) |
| पुनः प्रारंभ | 18 अगस्त 2025 |
संसद का मानसून सत्र 2025: नीतिगत दिशा तय करने का मौका
यह सत्र सरकार को अगले कुछ महीनों के नीतिगत एजेंडे को स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है। इस दौरान विपक्ष सरकार की जवाबदेही तय करने और लोकतांत्रिक संवाद को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
