प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय घाना यात्रा के पहले दिन भारतीय समुदाय द्वारा जोरदार स्वागत से अभिभूत हो गए। घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी इस ऐतिहासिक यात्रा पर हैं। जब पीएम मोदी उस होटल में पहुंचे, जहां वह अपनी यात्रा के दौरान ठहरेंगे, तो भारतीय समुदाय के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

भारतीय समुदाय का दिल से स्वागत

होटल में जैसे ही पीएम मोदी पहुंचे, भारतीय प्रवासियों और घाना के स्थानीय लोगों ने उन्हें “मोदी-मोदी”, “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारे लगाकर स्वागत किया। वहां उपस्थित छोटे बच्चों के एक समूह ने ‘हरे राम हरे कृष्ण’ का पाठ भी किया, जो प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक यादगार क्षण बन गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी बच्चों और भारतीय समुदाय के अन्य सदस्यों से बातचीत करते हुए भी नजर आए और एक छोटे बच्चे को गोद में लिया, जिससे भारतीय परिवारों के लिए यह एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा बने पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत सिर्फ नारों और गर्मजोशी से नहीं किया गया, बल्कि घाना के कलाकारों ने भी अपने संगीत वाद्ययंत्रों और ड्रम का उपयोग करते हुए ‘जय हो’ का वाद्य संस्करण प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री ने इस प्रदर्शन को करीब से देखा और उनकी प्रतिभा की सराहना की।

राष्ट्रपति महामा का स्वागत और द्विपक्षीय बातचीत

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी का घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा ने कोटोका अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर औपचारिक स्वागत किया। इस स्वागत के बाद दोनों नेताओं ने जुबली लाउंज में संक्षिप्त बातचीत की, जिसमें उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया।

पीएम मोदी की यात्रा का पहला पड़ाव

प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यात्रा का पहला पड़ाव घाना है। इसके बाद प्रधानमंत्री त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया का दौरा करेंगे। घाना में प्रधानमंत्री मोदी का प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक भारतीय समयानुसार शाम को अकरा में होगी, जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच एक-एक बैठक होगी, और पीएम मोदी के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा।

घाना की संसद में संबोधन

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने समकक्ष के साथ बैठक के बाद घाना की संसद को संबोधित करने का कार्यक्रम रखा है। इसके बाद वह भारतीय समुदाय के साथ बातचीत भी करेंगे, जो इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनेगा।

प्रधानमंत्री मोदी की घाना यात्रा न केवल दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने का एक अवसर है, बल्कि भारतीय समुदाय के बीच भारत की छवि को और भी मजबूती से स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यह यात्रा घाना में भारतीय संस्कृति और भारत के योगदान को प्रदर्शित करने का बेहतरीन अवसर बन सकती है।

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