रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) द्वारा जारी ताजा सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में खुदरा बिक्री जनवरी 2025 में 5% बढ़ी, जो उपभोक्ता खर्च में सकारात्मक रुझान को दर्शाती है।

फूड और ग्रॉसरी में सबसे अधिक 13% की वृद्धि

सर्वेक्षण के अनुसार, फूड और ग्रॉसरी सेक्टर ने 13% की उच्चतम वृद्धि दर्ज की, जिससे यह सबसे तेजी से बढ़ने वाली कैटेगरी बनी। इसके बाद कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) ने 6% की वृद्धि के साथ अच्छा प्रदर्शन किया। यह दर्शाता है कि इन क्षेत्रों में उपभोक्ता खर्च लगातार बढ़ रहा है।

क्षेत्रीय प्रदर्शन: पश्चिम भारत सबसे आगे

  • पश्चिम भारत ने 7% की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की।
  • उत्तर और दक्षिण भारत में बिक्री 5% बढ़ी
  • पूर्वी भारत ने केवल 4% वृद्धि के साथ सबसे धीमी प्रगति की।

आरएआई के सीईओ कुमार राजगोपालन ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025 में आयकर छूट की सीमा 12 लाख रुपये तय की गई है, जिससे खुदरा विक्रेताओं को लाभ मिलेगा और उपभोक्ता खर्च बढ़ने की संभावना है।

परिधान, फुटवियर और आभूषण में धीमी लेकिन स्थिर वृद्धि

  • परिधान और फुटवियर सेक्टर में 4% वृद्धि दर्ज की गई।
  • आभूषण सेगमेंट में 3% वृद्धि देखी गई।
  • ब्यूटी एंड वैलनेस और स्पोर्टिंग गुड्स में 2% की वृद्धि हुई।
  • फर्नीचर और फर्निशिंग ने सबसे कम 1% वृद्धि दर्ज की।

दिसंबर 2024 में भी 5% की वृद्धि

पिछले वर्ष के त्योहारी सीजन की तुलना में दिसंबर 2024 में भी 5% की वृद्धि दर्ज की गई थी। इसमें दक्षिण भारत ने 6% वृद्धि के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि पश्चिम और उत्तर भारत में 5% की वृद्धि रही। पूर्वी भारत 4% वृद्धि के साथ पीछे रहा।

भारत में खुदरा बाजार लगातार विकास कर रहा है और 2025 की शुरुआत में सकारात्मक संकेत मिले हैं। खासतौर पर फूड और ग्रॉसरी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और क्यूएसआर सेक्टर में उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी देखी गई। केंद्रीय बजट में की गई घोषणाएं खुदरा विक्रेताओं के लिए राहत ला सकती हैं, जिससे आगे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।

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