“उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग ज़िले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां बद्रीनाथ हाईवे पर गुरुवार सुबह एक टेंपो ट्रैवलर वाहन अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में गिर गया। यह हादसा घोलतीर नामक स्थान के पास हुआ, जब यह वाहन ऋषिकेश से बद्रीनाथ की ओर जा रहा था।“
वाहन में 20 लोग थे सवार, रेस्क्यू जारी
जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त टेंपो ट्रैवलर में ड्राइवर समेत करीब 20 यात्री सवार थे। यह वाहन जैसे ही घोलतीर इलाके में पहुंचा, सड़क पर नियंत्रण खो बैठा और सीधा नदी में गिर गया।
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार:
- 8 लोगों को अब तक रेस्क्यू किया जा चुका है
- 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है
- बाकी यात्रियों की तलाश युद्धस्तर पर जारी है
रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी NDRF, SDRF और स्थानीय टीमें
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गए। सभी ने संयुक्त रूप से खोज और बचाव अभियान शुरू किया। स्थानीय ग्रामीण भी इस कठिन प्रयास में सहायता कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुख, राहत कार्यों पर नजर
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“जिला रुद्रप्रयाग में एक टेंपो ट्रैवलर के नदी में गिरने का समाचार अत्यंत दुखद है। SDRF समेत अन्य बचाव दलों की ओर से युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन से लगातार संपर्क में हूं। ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।”
भारी बारिश बनी चुनौती, नदी में तेज बहाव
उत्तराखंड में इन दिनों लगातार भारी बारिश हो रही है। खासकर केदारनाथ और रुद्रप्रयाग क्षेत्र में वर्षा के कारण अलकनंदा नदी में पानी का बहाव बेहद तेज़ है। यही कारण है कि टेंपो ट्रैवलर अब तक नदी में दिखाई नहीं दिया है। यह बात रेस्क्यू ऑपरेशन को और अधिक जटिल बना रही है।
स्थानीय प्रशासन का अलर्ट और अपील
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:
- दुर्गम क्षेत्रों में यात्रा करते समय सतर्कता बरतें
- मानसून के दौरान पहाड़ी रास्तों पर विशेष ध्यान दें
- अत्यधिक वर्षा और भूस्खलन की संभावनाओं को देखते हुए मौसम अपडेट की निगरानी करें
इस दर्दनाक हादसे ने फिर एक बार यह याद दिलाया है कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में मानसून के समय यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है। स्थानीय प्रशासन द्वारा उठाए गए त्वरित कदम सराहनीय हैं, लेकिन जरूरी है कि हम सभी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सजग रहें और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दें।

