आजकल रिश्तों की दुनिया में Situationship संकेत तेजी से चर्चा में हैं। खासकर Gen Z के बीच यह शब्द काफी आम हो गया है। Situationship ऐसा रिश्ता होता है, जिसमें भावनाएं तो होती हैं, लेकिन कमिटमेंट साफ नहीं होता। न यह पूरी दोस्ती होती है और न ही पूरा प्यार। अगर आप भी अपने रिश्ते को लेकर कन्फ्यूजन में हैं, तो हो सकता है आप Situationship में हों।

Situationship संकेत में सबसे बड़ा इशारा है कमिटमेंट की कमी। जब भी आप भविष्य की बात करते हैं, सामने वाला टाल देता है। रिश्ते को लेकर सवाल रहते हैं, लेकिन जवाब नहीं मिलते। इसके अलावा, अगर पार्टनर सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही संपर्क करता है, तो यह भी Situationship संकेत माना जाता है। ऐसे रिश्तों में बातचीत और ध्यान स्थिर नहीं रहता।

एक और अहम Situationship संकेत है रिश्ते को पब्लिक न करना। न सोशल मीडिया पर जिक्र, न दोस्तों या परिवार से मिलवाना। आप साथ हैं, लेकिन दुनिया से छुपकर। साथ ही, भविष्य की कोई प्लानिंग न होना भी इस रिश्ते की पहचान है। न ट्रिप की बात, न आगे की जिंदगी की चर्चा।

Situationship अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन अगर यह आपको मानसिक तनाव और भावनात्मक थकान दे रहा है, तो इसे समझना जरूरी हो जाता है। समय रहते Situationship संकेत पहचानकर आप खुद के लिए सही फैसला ले सकते हैं।

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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. Situationship क्या होता है?
Situationship ऐसा रिश्ता है, जिसमें न साफ कमिटमेंट होता है और न भविष्य की स्पष्टता।

Q2. Situationship संकेत कैसे पहचानें?
कमिटमेंट की कमी, जरूरत पर ही बात करना और रिश्ते को छुपाना इसके मुख्य संकेत हैं।

Q3. क्या Situationship गलत है?
नहीं, लेकिन अगर यह आपको परेशान कर रहा है, तो इसे समझना और उस पर फैसला लेना जरूरी है।

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