द्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक NSA हटाया जाने का फैसला लिया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से ठीक पहले लिया गया है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, सोनम वांगचुक ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया था। इसके बाद स्थिति की समीक्षा की गई और सोनम वांगचुक NSA हटाया जाने का आदेश जारी कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि वांगचुक करीब 170 दिनों से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। आदेश लागू होने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
सरकार का कहना है कि यह फैसला लद्दाख में शांति और संवाद का माहौल बनाने के लिए लिया गया है। पिछले कुछ महीनों में लद्दाख में कई संगठनों और नेताओं के साथ बातचीत चल रही है। आंदोलन और विरोध प्रदर्शन का असर छात्रों, व्यापार और पर्यटन पर भी पड़ रहा था। सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण की मांग करते रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी सितंबर 2025 में आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद की गई थी।
Jai Sharma | Suryoday Samachar
FAQ
प्रश्न 1: सोनम वांगचुक पर NSA क्यों लगाया गया था?
लद्दाख में आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने के आरोप में उन पर NSA लगाया गया था।
प्रश्न 2: सोनम वांगचुक कितने समय से जेल में थे?
वे लगभग 170 दिनों से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।
प्रश्न 3: सरकार ने NSA हटाने का फैसला क्यों लिया?
सरकार के अनुसार लद्दाख में शांति और बातचीत का माहौल बनाने के लिए यह कदम उठाया गया।
प्रश्न 4: सोनम वांगचुक किस आंदोलन से जुड़े हैं?
वे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर आंदोलन कर रहे थे।

