उत्तरकाशी जिले में नेताला के पास सोमवार सुबह बड़ा भूस्खलन हुआ। इस उत्तरकाशी भूस्खलन ने गंगनानी जाने वाले मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। सुबह अचानक पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा और कीचड़ सड़क पर गिर गया। इससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई और यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।

गंगनानी मार्ग अवरुद्ध, यात्रियों की परेशानी बढ़ी

भूस्खलन के कारण गंगनानी क्षेत्र तक पहुंच फिलहाल असंभव हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने इस मार्ग को बंद कर दिया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें और मौसम के सुधरने का इंतजार करें।


मलबा हटाने में जुटी भारी मशीनरी और राहत दल

भारी मलबा और गीली मिट्टी के कारण सड़क खोलना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन ने जेसीबी और अन्य भारी मशीनें मौके पर तैनात की हैं। राहत और बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं।

  • मलबा हटाने का कार्य सुबह से जारी है।
  • अस्थिर मौसम के कारण काम की रफ्तार प्रभावित हो रही है।
  • यातायात बहाली में अभी कई घंटे लग सकते हैं।

हालिया प्राकृतिक आपदाओं ने बढ़ाई मुश्किलें

यह उत्तरकाशी भूस्खलन ऐसे समय हुआ है जब जिले में पहले से ही बादल फटने और बाढ़ की घटनाएं हो चुकी हैं। इसी सप्ताह धराली क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी।

  • धराली में अचानक बाढ़ और भूस्खलन से कई गांव प्रभावित हुए।
  • पांच लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग लापता हैं।
  • कई घर और दुकानें मलबे में दब गईं।

बचाव कार्य जारी, हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी कि अब तक 1,308 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। सभी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राहत कार्य चौबीसों घंटे जारी रहेंगे।

  • प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय स्थल उपलब्ध कराए गए हैं।
  • खाने-पीने और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
  • भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी जरूरत पड़ने पर तैयार हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट और प्रशासन की चेतावनी

भारत मौसम विभाग (IMD) ने उत्तरकाशी जिले में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में शाम और रात को भारी बारिश हो सकती है।
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है:

  • भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में गैर-जरूरी यात्रा न करें।
  • नदी और नालों के पास न जाएं।
  • प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें।

अस्थिर मौसम के बीच बचाव कार्यों की चुनौतियां

बारिश के कारण धराली जैसे क्षेत्रों में बचाव कार्य कठिन हो गया है।

  • सूखी मिट्टी बारिश में दलदल में बदल गई है।
  • राहत दल को प्रभावित गांवों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
  • मलबे में दबे लोगों की खोज में देरी हो रही है।

H4: उत्तरकाशी भूस्खलन से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर

गंगनानी और धराली जैसे क्षेत्र उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। यह भूस्खलन और हालिया प्राकृतिक आपदाएं पर्यटन पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।

  • होटलों में बुकिंग रद्द हो रही है।
  • स्थानीय दुकानदारों की आय में भारी कमी आई है।
  • यात्री सुरक्षा को देखते हुए टूर ऑपरेटर यात्रा टाल रहे हैं।

सरकार और स्थानीय लोगों की संयुक्त कोशिशें

सरकार, प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर स्थिति को सामान्य करने में जुटे हैं।

  • मलबा हटाने के लिए स्वयंसेवक भी मदद कर रहे हैं।
  • गांवों में सामुदायिक रसोई चलाई जा रही है।
  • राहत सामग्री पहुंचाने में स्थानीय युवाओं का योगदान महत्वपूर्ण है।

सावधानी ही है सुरक्षा की कुंजी

बारिश के मौसम में उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन आम बात है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं:

  • मौसम पूर्वानुमान देखकर यात्रा की योजना बनाएं।
  • प्रशासन के मार्गदर्शन का पालन करें।
  • आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन नंबर सुरक्षित रखें।

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