तेल अवीव: इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ते तनाव के बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि लेबनान स्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक कि इजरायल अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को पूरा नहीं कर लेता। नेतन्याहू का यह बयान उस समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से अमेरिका, इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए युद्धविराम का प्रस्ताव दे रहा है।

इजरायल ने अमेरिका के 21 दिनों के युद्धविराम के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है, जिससे स्पष्ट हो गया है कि इजरायल अपने रुख पर अडिग है और किसी भी प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बावजूद हिजबुल्लाह पर अपने सैन्य अभियानों को रोकने के लिए तैयार नहीं है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि इजरायल की सुरक्षा सर्वोपरि है और हिजबुल्लाह की किसी भी चुनौती का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

हिजबुल्लाह के साथ इजरायल का यह संघर्ष पिछले कुछ हफ्तों से और अधिक तीव्र हो गया है, जिसके कारण लेबनान-इजरायल सीमा क्षेत्र में भी हिंसा बढ़ी है। इजरायल के हवाई हमलों में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जबकि हिजबुल्लाह की ओर से भी इजरायल पर रॉकेट हमले किए जा रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष को रोकने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इजरायल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने तक पीछे हटने वाला नहीं है। इस बीच, लेबनान और अन्य पड़ोसी देशों में भी इस संघर्ष के कारण गंभीर अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।

विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनों पक्षों के बीच कोई ठोस कूटनीतिक प्रयास नहीं किए जाते, तो यह संघर्ष और भी व्यापक रूप ले सकता है, जिससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

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