गले का कैंसर (Throat Cancer) एक खतरनाक बीमारी है, और अब यह सिर्फ धूम्रपान करने वालों तक सीमित नहीं रह गई है। अब स्मोकिंग न करने वाले लोग भी इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं। यदि आप यह सोचते हैं कि गले का कैंसर सिर्फ उन लोगों को होता है जो सिगरेट या बीड़ी पीते हैं, तो यह धारणा गलत है।
सी.के. बिड़ला हॉस्पिटल, दिल्ली के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के निदेशक डॉक्टर मनदीप सिंह मल्होत्रा का कहना है कि गले का कैंसर अब उन लोगों को भी हो सकता है, जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया है।

गले के कैंसर के बढ़ते कारण: सिर्फ वायरस नहीं, ये आदतें भी हैं जिम्मेदार

  1. ज्यादा शराब पीना
  2. डाइट में फल और सब्जियों की कमी
  3. मुंह की सफाई में लापरवाही
  4. प्रदूषण, पेट्रोकेमिकल्स या धूल के संपर्क में आना

इन सभी आदतों से गले के टिशूज में धीरे-धीरे नुकसान होता है, जिससे कैंसर बनने का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर का कहना है कि ये आदतें गले के कैंसर के लिए रिस्क फैक्टर्स बन सकती हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो कभी धूम्रपान नहीं करते।

स्मोकिंग से होने वाला कैंसर और HPV वायरस का खतरा

  • स्मोकिंग से होने वाला गले का कैंसर आमतौर पर ज्यादा अग्रेसिव होता है, यानी यह जल्दी फैलता है।
  • वहीं, HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) से संबंधित गले का कैंसर आमतौर पर फैलने के बाद भी इलाज को अच्छे तरीके से रिस्पॉन्ड करता है।
  • HPV से जुड़े मामलों में मरीज की गर्दन में गांठें (Lymph Nodes) बड़ी हो सकती हैं, लेकिन कीमोथेरेपी और रेडिएशन का असर बेहतर होता है।

गले के कैंसर का इलाज: अब बिना चीरे के होती है सर्जरी

Transoral Robotic Surgery (TORS) अब एक नई तकनीक बन गई है, जिसके माध्यम से कैंसर के ट्यूमर को मुंह के रास्ते ही हटाया जा सकता है।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बाहरी चीरे की जरूरत नहीं पड़ती और हड्डियों को काटने की भी आवश्यकता नहीं होती।

TORS से इलाज की प्रक्रिया:

  • शुरुआती स्टेज में TORS से कैंसर को आसानी से हटा लिया जाता है।
  • बायो-सिलेक्शन पद्धति का इस्तेमाल एडवांस स्टेज के कैंसर में किया जाता है, जिसमें पहले कीमोथेरेपी दी जाती है, और फिर परिणाम के आधार पर सर्जरी या रेडिएशन का चुनाव किया जाता है।

हर मरीज के लिए पर्सनलाइज्ड इलाज

अब डॉक्टर हर मरीज के ट्यूमर के नेचर के हिसाब से पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट तैयार कर रहे हैं।
इसमें कीमोथेरेपी, रेडिएशन, और सर्जरी को मिलाकर इलाज के साइड इफेक्ट्स को कम किया जा रहा है और परिणाम बेहतर हो रहे हैं।

गले के कैंसर के कारण और उपचार के नए रास्ते

आजकल के बदलते लाइफस्टाइल और HPV वायरस की बढ़ती प्रभावशीलता ने गले के कैंसर को और जटिल बना दिया है। हालांकि, नई तकनीकें और विकसित उपचार विधियां इलाज को बेहतर और कम साइड इफेक्ट्स वाले बना रही हैं। यह हमें उम्मीद देता है कि इस रोग से लड़ने में सफलता अब पहले से कहीं अधिक हो सकती है।

गले के कैंसर का जोखिम अब सिर्फ स्मोकिंग करने वालों तक सीमित नहीं रहा है। बदलते लाइफस्टाइल, वायरस संक्रमण, और खानपान की आदतें इस बीमारी के कारण बन सकते हैं। इसलिए, स्मोकिंग न करने वाले लोगों को भी इस बीमारी से बचाव के उपायों पर ध्यान देना चाहिए, जैसे कि स्वस्थ जीवनशैली, समान्य आहार, और नियमित जांच

HPV और गले के कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाना और स्मोकिंग और शराब से दूर रहना इस बीमारी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।

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