दिल्ली में दिल्ली बार काउंसिल चुनाव विवाद ने कानूनी जगत में हलचल मचा दी है। बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) के चुनावों में मतपत्रों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद तिलक नगर थाने में मतगणना कर्मचारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
जानकारी के अनुसार, यह दिल्ली बार काउंसिल चुनाव विवाद मतपत्रों की छंटनी के दौरान उजागर हुआ। जांच में पाया गया कि कई मतपत्रों में दूसरी वरीयता (second preference) के साथ छेड़छाड़ की गई। कुछ मतपत्रों में अंक बदलकर एक विशेष उम्मीदवार को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई।
इस मामले में बीएनएस की धारा 318 और 340 के तहत कार्रवाई की जा रही है। चुनाव समिति ने भी आंतरिक जांच में एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई है। इसके बाद पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है।
अब इस दिल्ली बार काउंसिल चुनाव विवाद के चलते मतगणना प्रक्रिया को रोक दिया गया है। समिति ने उम्मीदवारों को शिकायत दर्ज करने का मौका दिया है और निर्णय लिया गया है कि मतगणना दोबारा शुरू की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाती हैं। इसलिए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
Jai Sharma | Suryoday Samachar
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. दिल्ली बार काउंसिल चुनाव विवाद क्या है?
यह मामला मतपत्रों में छेड़छाड़ से जुड़ा है, जिसमें वोटों की दूसरी वरीयता बदलने का आरोप है।
Q2. इस मामले में FIR क्यों दर्ज हुई?
मतगणना के दौरान जालसाजी और दस्तावेजों में बदलाव पाए जाने के बाद FIR दर्ज की गई।
Q3. क्या मतगणना दोबारा होगी?
हाँ, विवाद के बाद मतगणना प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

