“भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल को बढ़ावा देते हुए, भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने देश भर में 95,537 स्वदेशी रूप से विकसित 4G साइट्स की स्थापना कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इनमें से 90,035 साइट्स पहले से ही ऑन-एयर हैं, और ये सभी 5G अपग्रेडेबल हैं।“
BSNL के 4G नेटवर्क का विस्तार, सितंबर 2023 से शुरू हुई आपूर्ति
4G उपकरणों की आपूर्ति सितंबर 2023 में शुरू हुई थी और इसे 30 जून 2025 तक चरणबद्ध रूप से लागू किया जाना है। इन उपकरणों का निर्माण पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से किया गया है, जो 5G अपग्रेडिंग के लिए सक्षम हैं।
इस जानकारी को केंद्रीय संचार और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से साझा किया।
BSNL की वापसी: अब अर्जित हो रहा है शुद्ध लाभ
BSNL को सरकार द्वारा पुनरुद्धार पैकेज दिए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।
- वित्तीय वर्ष 2020-21 से BSNL ने ऑपरेशनल प्रॉफिट अर्जित करना शुरू कर दिया था।
- FY 2024-25 की तीसरी तिमाही में 262 करोड़ रुपये और
- चौथी तिमाही में 280 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया गया।
यह BSNL के सुधार और तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी सफलता है।
दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार पर विशेष फोकस
राज्यमंत्री ने यह भी बताया कि देश के दुर्गम और सीमावर्ती क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सरकार डिजिटल इंडिया फंड (पूर्व में USOF) के तहत कई योजनाएं चला रही है:
प्रमुख परियोजनाएं:
- 4G संतृप्ति परियोजना – सभी कवर न किए गए गांवों में 4G सेवाओं की सुविधा।
- बीओपी/बीआईपी परियोजना – सीमा पर चौकियों और खुफिया चौकियों में मोबाइल नेटवर्क।
- वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र योजना – एलडब्ल्यूई क्षेत्रों में कनेक्टिविटी।
- आकांक्षी जिलों के लिए योजना – पिछड़े जिलों में डिजिटल नेटवर्क।
- सीटीडीपी योजना (CTDP) – पूर्वोत्तर भारत और राष्ट्रीय राजमार्गों में मोबाइल कवरेज।
- भारतनेट परियोजना – सभी ग्राम पंचायतों और गांवों में ब्रॉडबैंड की सुविधा।
TRAI वेबसाइट पर उपलब्ध है ग्राहकों का डेटा
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) समय-समय पर सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के ग्राहकों की संख्या और कवरेज की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट करता है, जिसमें BSNL के आंकड़े भी शामिल हैं।
5G के लिए तैयार भारत: BSNL की भूमिका अहम
बीएसएनएल द्वारा लगाए गए 4G उपकरण 5G अपग्रेड योग्य हैं, यानी भविष्य में बिना अतिरिक्त लागत के इन्हें 5G नेटवर्क में परिवर्तित किया जा सकता है। इससे भारत को तेजी से 5G रोलआउट में मदद मिलेगी।
BSNL ने सरकार की सहायता और आत्मनिर्भर तकनीकी विकास के चलते न सिर्फ नई 4G साइट्स स्थापित की हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी पुनर्जीवित हो रही है।
इन सभी पहलों के केंद्र में है:
- आत्मनिर्भरता
- डिजिटल समावेशन
- टेली-कनेक्टिविटी का सशक्तीकरण
- दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क पहुंच
