Delhi-NCR Pollution in Pregnancy: गर्भवती महिलाओं और शिशु के लिए बढ़ा खतरा
Suryoday Samachar | दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है, जिससे Delhi-NCR Pollution in Pregnancy एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता बन गई है। डॉक्टरों का कहना है कि हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह प्रदूषण समय से पहले प्रसव, कम वजन वाले शिशु और विकास संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
एलांटिस हेल्थकेयर, नई दिल्ली के गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. मन्नन गुप्ता के अनुसार, Delhi-NCR Pollution in Pregnancy के दौरान प्रदूषित हवा के लगातार संपर्क में रहना हाई ब्लड प्रेशर, थकान और सांस की समस्या को बढ़ा सकता है। गर्भवती महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे प्रदूषण के चरम समय (सुबह और देर शाम) में बाहर जाने से बचें, घर में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें और बाहर निकलते समय N95 मास्क जरूर पहनें।
इसके साथ ही एंटीऑक्सीडेंट युक्त भोजन जैसे फल, हरी सब्जियां और मेवों का सेवन करें। पर्याप्त पानी पीना और नियमित हेल्थ चेकअप करवाना भी जरूरी है। Delhi-NCR Pollution in Pregnancy के दौरान यह सावधानियां मां और शिशु दोनों की सुरक्षा में मदद करती हैं।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. क्या Delhi-NCR Pollution in Pregnancy बच्चे के विकास पर असर डाल सकता है?
हां, लगातार प्रदूषण के संपर्क में रहने से बच्चे के फेफड़ों और तंत्रिका तंत्र के विकास पर असर पड़ सकता है।
Q2. गर्भवती महिलाएं प्रदूषण से कैसे बच सकती हैं?
N95 मास्क पहनें, एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार लें और प्रदूषण के चरम समय में बाहर निकलने से बचें।
Q3. क्या घर में रहना सुरक्षित है?
हां, अगर खिड़कियां बंद रखी जाएं और एयर प्यूरीफायर का उपयोग किया जाए, तो घर की हवा अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती है।
