ममता बनर्जी फोटो विवाद इन दिनों राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से जुड़ी एक तस्वीर को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। यह विवाद उस फोटो से शुरू हुआ जिसमें राष्ट्रपति मुर्मू खड़ी नजर आती हैं जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुर्सी पर बैठे दिखाई देते हैं।
तृणमूल कांग्रेस ने इस तस्वीर को सार्वजनिक मंच पर दिखाते हुए प्रधानमंत्री पर सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि यह तस्वीर राष्ट्रपति पद के सम्मान से जुड़ा मुद्दा उठाती है। इसके बाद ममता बनर्जी फोटो विवाद तेजी से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में फैल गया।
हालांकि भाजपा ने तुरंत इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तस्वीर को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। पार्टी के अनुसार यह फोटो वर्ष 2024 के भारत रत्न सम्मान समारोह की है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को सम्मानित किया था। उस समय प्रोटोकॉल के अनुसार बाकी लोग बैठे रहते हैं, इसलिए इसमें किसी तरह की मर्यादा का उल्लंघन नहीं हुआ।
इस पूरे ममता बनर्जी फोटो विवाद के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। भाजपा ने इसे “फेक नैरेटिव” बताया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि वह केवल राष्ट्रपति के सम्मान की बात कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में और गर्मा सकता है।
Durgesh Sharma | Suryoday Samachar
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. ममता बनर्जी फोटो विवाद क्या है?
ममता बनर्जी फोटो विवाद एक राजनीतिक विवाद है जो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की एक पुरानी तस्वीर को लेकर शुरू हुआ।
2. यह तस्वीर कब की है?
यह तस्वीर 31 मार्च 2024 की है जब भारत रत्न सम्मान समारोह के दौरान ली गई थी।
3. भाजपा ने इस विवाद पर क्या कहा?
भाजपा ने कहा कि समारोह के दौरान प्रोटोकॉल के अनुसार सभी लोग बैठे रहते हैं, इसलिए किसी प्रकार का अपमान नहीं हुआ।
4. विवाद क्यों बढ़ा?
तृणमूल कांग्रेस ने तस्वीर को लेकर प्रधानमंत्री पर सवाल उठाए, जिसके बाद भाजपा ने इसे गलत जानकारी बताया।

