देश के कई राज्यों में इस बार रिकॉर्ड वोटिंग प्रतिशत ने सभी को चौंका दिया। असम, केरल और पुडुचेरी में मतदाताओं की भागीदारी पहले से ज्यादा रही। यह बदलाव लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
असम में 85.89% मतदान दर्ज हुआ, जो राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 2016 में 84.7% वोटिंग हुई थी। इस बार कई जिलों में 80% से अधिक मतदान हुआ। साउथ सलमारा मनकचर में सबसे ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई।
वहीं केरल में 78.27% मतदान हुआ। यह पिछले 49 वर्षों में दूसरा सबसे अधिक रिकॉर्ड वोटिंग प्रतिशत है। कोझिकोड जिले में सबसे ज्यादा वोटिंग देखने को मिली।
पुडुचेरी में भी मतदान ने नया इतिहास बनाया। यहां 89.87% वोटिंग हुई, जो आजादी के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले अधिकतम मतदान करीब 85% था।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार रिकॉर्ड वोटिंग प्रतिशत बढ़ने के पीछे जागरूकता अभियान, महिला भागीदारी और अपडेटेड वोटर लिस्ट जैसे कारण हैं। लोगों में मतदान के प्रति रुचि बढ़ी है, जो लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. रिकॉर्ड वोटिंग प्रतिशत का मतलब क्या है?
जब किसी चुनाव में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान होता है, उसे रिकॉर्ड वोटिंग प्रतिशत कहा जाता है।
Q2. असम में कितना मतदान हुआ?
असम में 85.89% मतदान हुआ, जो रिकॉर्ड है।
Q3. पुडुचेरी में वोटिंग क्यों खास रही?
पुडुचेरी में पहली बार करीब 90% मतदान हुआ।
Q4. मतदान बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
जागरूकता और महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी मुख्य कारण हैं।
Jai Sharma | Suryoday Samachar

