सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली एक बार फिर विवादों में आ गई है। कक्षा 12वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने दावा किया है कि री-इवैल्यूएशन के दौरान उन्हें जो फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका दिखाई गई, वह उनकी नहीं है। इस मामले के सामने आने के बाद CBSE OSM विवाद सोशल मीडिया और शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बन गया है। छात्र का कहना है कि अपलोड की गई कॉपी में लिखावट, उत्तर लिखने का तरीका और प्रेजेंटेशन उनकी अन्य कॉपियों से बिल्कुल अलग है। वेदांत के मुताबिक, अंग्रेजी और कंप्यूटर साइंस की कॉपियां सही दिखाई दे रही हैं, लेकिन फिजिक्स की कॉपी किसी दूसरे छात्र की लगती है।
इस CBSE OSM विवाद के कारण छात्र के अंक भी प्रभावित हुए हैं। वेदांत ने बताया कि फिजिक्स में कम अंक मिलने की वजह से उनका PCM प्रतिशत 75 फीसदी से नीचे चला गया। परिवार और शिक्षकों ने भी कॉपी देखकर अंतर महसूस किया है। अब छात्र ने सीबीएसई से अपनी ओरिजिनल फिजिक्स कॉपी की जांच करने की मांग की है। साथ ही यह पता लगाने की अपील की है कि डिजिटलीकरण प्रक्रिया के दौरान यह गलती कैसे हुई। इस घटना के बाद ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
FAQ
CBSE OSM विवाद क्या है?
यह विवाद री-इवैल्यूएशन के दौरान गलत उत्तर पुस्तिका मिलने के आरोप से जुड़ा है।
छात्र ने क्या दावा किया?
वेदांत श्रीवास्तव ने कहा कि फिजिक्स की कॉपी उनकी नहीं है।
CBSE OSM का मतलब क्या है?
ऑन स्क्रीन मार्किंग यानी डिजिटल माध्यम से कॉपियों की जांच।
Jai Sharma | Suryoday Samachar

