प्रतीकात्मक तस्वीर में मोबाइल फोन पर फर्जी पुलिस कॉल और साइबर फ्रॉड का दृश्य दिखाया गया है।नैनीताल में कोतवाल बनकर साइबर ठगी करने का मामला सामने आया।

नैनीताल में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। इस बार ठग ने खुद को कोतवाल बताकर एक ग्रामीण से 15 से 20 हजार रुपये मांगने की कोशिश की। मामला कोटाबाग क्षेत्र का है, जहां मृतक किशोर के पिता को फोन कर आरोपी को जेल भेजने और क्लेम दिलाने का झांसा दिया गया। जानकारी के अनुसार, थपलियागाजा निवासी धन सिंह के बेटे ने ऑनलाइन गेमिंग के कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। परिवार ने मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी बीच एक अज्ञात कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि आरोपी को जेल भेजने के लिए कुछ खर्च करना पड़ेगा।

साइबर ठग ने भावनात्मक दबाव बनाकर पैसे मांगने की कोशिश की। हालांकि ग्रामीण ने समझदारी दिखाई और सीधे पुलिस चौकी पहुंच गया। वहां एसआई को पूरी जानकारी दी गई। पुलिस द्वारा नंबर मिलाने पर फोन स्विच ऑफ मिला | विशेषज्ञों का कहना है कि नैनीताल साइबर ठगी जैसे मामलों में अपराधी पहले लोगों की निजी जानकारी जुटाते हैं। फिर पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर विश्वास जीतने की कोशिश करते हैं। ऐसे में किसी भी अज्ञात कॉल पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए।

FAQ

सवाल: नैनीताल साइबर ठगी में क्या हुआ?

ठग ने खुद को कोतवाल बताकर ग्रामीण से पैसे मांगने की कोशिश की।

सवाल: साइबर ठगी से कैसे बचें?

किसी अज्ञात कॉल पर भरोसा न करें और पैसे ट्रांसफर करने से पहले पुलिस से पुष्टि करें।

सवाल: शिकायत कहां करें?

साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करें।

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