प्रापर्टी डीलर से जुड़े चर्चित रामशंकर हत्याकांड में अब बड़ा मोड़ आ गया है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मामले की आगे की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया है। मृतक की पत्नी ने खानपुर पुलिस पर जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। इसके बाद अदालत ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए CBI जांच के निर्देश दिए।याचिका में कहा गया कि हत्या में इस्तेमाल कार की फोरेंसिक जांच नहीं कराई गई। साथ ही कार मालिकों से भी ठीक तरीके से पूछताछ नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने जल्दबाजी में आरोपपत्र दाखिल कर दिया।रामशंकर हत्याकांड में पुलिस ने रोबिन, अक्षय और अंकित को गिरफ्तार किया था।
आरोप है कि हत्या के बाद शव को प्लास्टिक के कट्टे में डालकर वाणगंगा किनारे दबा दिया गया था। शव पर टेप और रस्सियां भी मिली थीं। आरोपितों ने शव जल्दी गलाने के लिए नमक तक डाला था।मृतक के परिवार ने करोड़ों की जमीन विवाद को हत्या की वजह बताया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि जांच में कमी नजर आती है, तो निष्पक्ष जांच के लिए मामला दूसरी एजेंसी को सौंपा जा सकता है। अब पूरे मामले की जांच CBI करेगी।
FAQ
सवाल 1: रामशंकर हत्याकांड की जांच किसे सौंपी गई?
हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच CBI को सौंप दी है।
सवाल 2: परिवार ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
परिवार ने पुलिस पर लापरवाही और अधूरी जांच के आरोप लगाए हैं।
सवाल 3: हत्या के पीछे क्या वजह बताई जा रही है?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जमीन और पैसों का विवाद हत्या की बड़ी वजह हो सकता है।
सवाल 4: इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
पुलिस ने अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
Prem Chand | Suryoday Samachar

