प्रधानमंत्री Narendra Modi की इटली यात्रा के दौरान इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni को दी गई ‘मेलोडी’ टॉफी अब भारत में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों के बाद विपक्ष ने इसे “टॉफी डिप्लोमेसी” बताते हुए सरकार पर हमला बोला है। लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने कहा कि जब देश महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है, तब सरकार प्रचार और रील राजनीति में व्यस्त है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा।
दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को “मेड इन इंडिया” उत्पादों से समस्या है। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पाद अब दुनिया में पहचान बना रहे हैं और यह देश के लिए गर्व की बात है। दरअसल “Melodi” शब्द पिछले कुछ वर्षों से पीएम मोदी और मेलोनी की मुलाकातों के दौरान सोशल मीडिया पर ट्रेंड करता रहा है। COP28 सम्मेलन के दौरान मेलोनी द्वारा इस्तेमाल किए गए हैशटैग के बाद यह और ज्यादा लोकप्रिय हो गया था। अब मेलोडी टॉफी विवाद ने राजनीति और सोशल मीडिया दोनों में नई बहस छेड़ दी है।
FAQ
मेलोडी टॉफी विवाद क्या है?
यह विवाद पीएम मोदी द्वारा मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट करने के बाद शुरू हुआ।
विपक्ष ने क्या आरोप लगाए?
विपक्ष ने सरकार पर प्रचार राजनीति करने का आरोप लगाया है।
बीजेपी का क्या कहना है?
बीजेपी इसे भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहचान से जोड़ रही है।
Durgesh Sharma | Suryoday Samachar

