E20 Petrol :- इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। एसोसिएशन ने कहा कि E20 पेट्रोल से वाहनों के इंजन खराब होने, माइलेज में भारी गिरावट आने, इंश्योरेंस अमान्य होने या अन्य नुकसान होने जैसे दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
ISMA के अनुसार, भारत का इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम वैज्ञानिक परीक्षणों, तकनीकी मानकों और संबंधित संस्थाओं की निगरानी के बाद लागू किया गया है। संगठन ने कहा कि इस कार्यक्रम पर सार्वजनिक चर्चा तथ्यों, वैज्ञानिक प्रमाणों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर होनी चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं के आधार पर।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि पेट्रोल में मिलाया जाने वाला फ्यूल-ग्रेड इथेनॉल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार तैयार किया जाता है। इसे विभिन्न कृषि स्रोतों से औद्योगिक प्रक्रिया के जरिए बनाया जाता है और इसके बाद ही पेट्रोल में मिश्रित किया जाता है।
ISMA का कहना है कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से देश को कई लाभ मिले हैं। इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, विदेशी मुद्रा की बचत, किसानों की आय बढ़ाने और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिली है। संगठन ने यह भी कहा कि कई देशों में वर्षों से इथेनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है।
हालांकि, विशेषज्ञों की सलाह है कि वाहन मालिक अपने वाहन निर्माता द्वारा सुझाए गए ईंधन का ही उपयोग करें। यदि किसी वाहन की अनुकूलता को लेकर संदेह हो, तो अधिकृत सर्विस सेंटर या निर्माता की सलाह लेना उचित रहेगा।
