नोएडा एयरपोर्ट के पास बनेगा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क
इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क नोएडा: परियोजना का सार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 200 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क नोएडा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस परियोजना के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। पार्क के निर्माण में केंद्र सरकार की 60 प्रतिशत और राज्य सरकार की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश में मत्स्य पालन उद्योग को नई दिशा मिले और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त बने।
यह एक्वा पार्क देश का एक आधुनिक मॉडल होगा, जिसमें मत्स्य पालन से जुड़ी प्रमुख सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इससे किसानों को प्रशिक्षण, उत्पादन और विपणन की पूरी श्रृंखला एक स्थान पर उपलब्ध होगी।
मत्स्य पालन को बढ़ावा: प्रशिक्षण, प्रजनन और अनुसंधान
प्रदेश के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने बताया कि यह पहल नोएडा को मत्स्य पालन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क नोएडा में प्रशिक्षण केंद्र, विभिन्न मछलियों के प्रजनन टैंक और वैज्ञानिक अनुसंधान प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
पार्क प्रशिक्षण का केंद्र होने के साथ उच्च गुणवत्ता वाली मछलियों का उत्पादन और वितरण भी सुनिश्चित करेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा होंगे।
तालाबों और पोखरों का सौंदर्यीकरण एवं पुनर्जीवन
परियोजना के साथ जिले के 9 तालाबों और 504 पोखरों का सौंदर्यीकरण और पुनर्जीवन कार्य भी होगा। इस कदम से जल संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण सुधार को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारी इन जल स्रोतों को मत्स्य पालन के अनुकूल बनाने पर ध्यान देंगे।
इसके साथ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य योजना और निशाद राज योजना को परियोजना से जोड़कर लाभार्थियों को समग्र लाभ दिया जाएगा।
पारदर्शी लाभ वितरण के निर्देश
बैठक में मंत्री संजय निषाद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाभार्थियों का चयन पारदर्शी तरीके से हो। इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क नोएडा से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर और सही पात्रों तक पहुँचे, इसके लिए प्रशासनिक निगरानी बढ़ाई जाएगी।
लीड बैंक प्रबंधकों और सिंचाई विभाग को मत्स्य किसानों के लिए ऋण सुविधा बिना देरी उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि वे अपने कार्य विस्तार की योजना लागू कर सकें।
लाभार्थियों को मिला ठोस समर्थन
जिले में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 8 लाभार्थी, निशाद राज योजना के तहत 2 लाभार्थी, प्रधानमंत्री मत्स्य संवीदा योजना के तहत 15 लाभार्थी और प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के तहत 242 लाभार्थियों को लाभ दिया गया है।
इन प्रयासों से मत्स्य पालन को संगठित एवं लाभकारी उद्योग बनाने की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।
हाईटेक और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं
इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क नोएडा को हाईटेक और पर्यावरण-अनुकूल मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा। पार्क में रीसाइक्लिंग सिस्टम, वॉटर-क्वालिटी मॉनिटरिंग और डिजिटल डेटा प्रबंधन जैसी तकनीकें शामिल होंगी।
यह मॉडल उत्तर भारत में मत्स्य पालन उद्योग के लिए एक प्रेरक उदाहरण बन सकता है।
केंद्र-राज्य की संयुक्त भागीदारी
परियोजना में 60:40 की साझेदारी से वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित होगी। परियोजना पूरी होने पर क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।
इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क से क्षेत्रीय ग्रोथ
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बनने वाला पार्क मत्स्य पालन को गति देने के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगा। इससे स्थानीय आय में वृद्धि होगी और राज्य की जीडीपी में योगदान बढ़ेगा।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न 1: इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क नोएडा कहाँ बनाया जा रहा है?
उत्तर: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास जेवर क्षेत्र में।
प्रश्न 2: परियोजना की लागत कितनी है?
उत्तर: लगभग 200 करोड़ रुपये।
प्रश्न 3: साझेदारी किस तरह होगी?
उत्तर: 60% केंद्र और 40% राज्य सरकार।
प्रश्न 4: मुख्य सुविधाएं क्या होंगी?
उत्तर: प्रशिक्षण केंद्र, प्रजनन टैंक, रिसर्च लैब और विपणन केंद्र।
प्रश्न 5: स्थानीय लोगों को क्या लाभ होगा?
उत्तर: रोजगार, उद्यमिता और बेहतर बाज़ार पहुँच।

