“मैग्नीशियम हमारे शरीर के लिए एक जरूरी मिनरल है जो मांसपेशियों, नसों और हड्डियों के सही कामकाज के लिए आवश्यक होता है। जब शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने लगती है, तो कई तरह के संकेत धीरे-धीरे सामने आते हैं। अगर इन संकेतों को समय रहते नज़रअंदाज किया गया तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में बदल सकते हैं।“
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि मैग्नीशियम डिफिशियेंसी के कारण शरीर किन-किन तरीकों से चेतावनी देता है और इसकी भरपाई कैसे की जा सकती है।
मैग्नीशियम की कमी क्यों होती है?
मैग्नीशियम डाइट के जरिए शरीर को मिलता है। हरी पत्तेदार सब्जियाँ, साबुत अनाज, नट्स और बीज इसमें मुख्य स्रोत हैं। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खान-पान के कारण लोगों में Magnesium Deficiency आम होती जा रही है।
कुछ कारण जिनसे मैग्नीशियम की कमी हो सकती है:
- अधिक मात्रा में जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन
- शराब का सेवन
- तनाव और नींद की कमी
- डायबिटीज या पाचन संबंधी रोग
- गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान बढ़ी हुई जरूरत
मैग्नीशियम की कमी के प्रमुख लक्षण
1. मांसपेशियों में खिंचाव और ऐंठन
जब शरीर में मैग्नीशियम कम होता है, तो सबसे पहले असर मांसपेशियों पर दिखता है। पैरों में अचानक ऐंठन या हाथ-पैर में खिंचाव मैग्नीशियम की कमी का संकेत हो सकता है।
2. लगातार थकान महसूस होना
ऊर्जा उत्पादन के लिए मैग्नीशियम जरूरी है। इसकी कमी से व्यक्ति को बिना मेहनत के भी थकान महसूस हो सकती है।
3. नींद न आना और बेचैनी
मैग्नीशियम नसों को शांत करता है और नींद को गहरा बनाता है। जब इसकी मात्रा कम हो जाती है तो व्यक्ति को नींद आने में कठिनाई होती है और बेचैनी बढ़ जाती है।
4. दिल की धड़कन में अनियमितता
कई बार हार्टबीट अचानक तेज या धीमी महसूस होती है। यह मैग्नीशियम डिफिशियेंसी की वजह से भी हो सकता है क्योंकि यह मिनरल दिल की मांसपेशियों को नियंत्रित करता है।
5. हड्डियों में कमजोरी
हड्डियों को मजबूत बनाने में कैल्शियम के साथ-साथ मैग्नीशियम भी उतना ही जरूरी है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ता है।
6. सिरदर्द और माइग्रेन
वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि Magnesium Deficiency से बार-बार सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या हो सकती है।
मैग्नीशियम की कमी के अन्य संकेत
- चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग
- उच्च रक्तचाप
- डिप्रेशन की संभावना
- भूख न लगना
- मतली या उल्टी
मैग्नीशियम की कमी से बचने के उपाय
संतुलित आहार का सेवन
हरी पत्तेदार सब्जियाँ जैसे पालक, मेथी, और ब्रोकोली, नट्स जैसे बादाम और काजू, बीज जैसे कद्दू और सूरजमुखी के बीज मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं।
साबुत अनाज और दालें
गेहूं, जौ और ब्राउन राइस, साथ ही मसूर और चना शरीर की जरूरत पूरी कर सकते हैं।
लाइफस्टाइल सुधार
- तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन और योग करें।
- नींद का सही समय निर्धारित करें।
- शराब और धूम्रपान से बचें।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर आपको बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन हो रही है, नींद ठीक से नहीं आती, या लगातार थकान बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ब्लड टेस्ट कराकर पता लगाया जा सकता है कि शरीर में मैग्नीशियम की कमी है या नहीं। समय रहते इसका इलाज करने से बड़ी बीमारियों से बचाव हो सकता है।
मैग्नीशियम शरीर के लिए उतना ही जरूरी है जितना कैल्शियम और आयरन। इसकी कमी से शरीर कई संकेत देता है, जिन्हें समझना जरूरी है। सही आहार और जीवनशैली अपनाकर Magnesium Deficiency से बचा जा सकता है।
