एक भारतीय मतदान केंद्र जहां बिजली की कमी के कारण अंधेरा है और अधिकारी निरीक्षण कर रहे हैं।बिजली संकट के कारण प्रभावित कोलकाता का एक मतदान केंद्र

कोलकाता बूथ बिजली संकट ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक, शहर के 100 से ज्यादा मतदान केंद्रों पर बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति चुनावी तैयारियों पर सवाल खड़े करती है।

चुनाव आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को सभी बूथों में बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करने को कहा है। जहां बिजली उपलब्ध नहीं है, वहां जनरेटर लगाने का आदेश दिया गया है।

कोलकाता बूथ बिजली संकट का असर वेब कास्टिंग व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। आजकल हर बूथ पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाते हैं, जो बिना बिजली के काम नहीं कर सकते।

सूत्रों के अनुसार, कोलकाता पोर्ट इलाके में सबसे ज्यादा समस्या सामने आई है, जहां 50 से अधिक बूथों में बिजली नहीं है। प्रशासन अब अस्थायी कनेक्शन और वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुटा है।

चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि हर बूथ पर पेयजल और शौचालय की सुविधा उपलब्ध हो। मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।

Durgesh Sharma | Suryoday Samachar

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. कोलकाता बूथ बिजली संकट क्या है?
यह समस्या उन मतदान केंद्रों से जुड़ी है जहां बिजली उपलब्ध नहीं है।

Q2. कितने बूथ प्रभावित हैं?
100 से अधिक मतदान केंद्र इस संकट से प्रभावित बताए जा रहे हैं।

Q3. चुनाव आयोग ने क्या कदम उठाए हैं?
आयोग ने बिजली कनेक्शन और जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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