उत्तराखंड के जौनसार बावर क्षेत्र में “उत्तराखंड तीन गहने नियम” एक नई सामाजिक पहल के रूप में सामने आया है। इस नियम का उद्देश्य शादी और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़ते खर्च और दिखावे को नियंत्रित करना है।
इस फैसले के तहत महिलाओं को केवल तीन सोने के गहने पहनने की अनुमति दी गई है। इसमें नाक की फूली, कान के झुमके और गले में मंगलसूत्र शामिल हैं। इस नियम को कांडोई भरम खत के सात गांवों ने मिलकर लागू किया है।
“उत्तराखंड तीन गहने नियम” से समाज में आर्थिक संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है। खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को इससे राहत मिलेगी।
यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता है, तो पहली बार 51,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। दूसरी बार गलती करने पर सामाजिक बहिष्कार भी हो सकता है।
यह पहल न केवल खर्च कम करने का प्रयास है, बल्कि पारंपरिक संस्कृति को बचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
Jai Sharma | Suryoday Samachar
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. उत्तराखंड तीन गहने नियम क्या है?
यह एक सामाजिक नियम है, जिसमें शादी में केवल तीन गहने पहनने की अनुमति है।
Q2. इस नियम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महंगाई और दिखावे को कम करना और समाज में समानता लाना।
Q3. नियम तोड़ने पर क्या होगा?
पहली बार जुर्माना और दोबारा सामाजिक बहिष्कार हो सकता है।

