एक भारतीय पेट्रोल पंप का दृश्य, जहां लोग बढ़ी हुई पेट्रोल और डीजल कीमतों के बीच अपने वाहन में ईंधन भरवा रहे हैं।दिल्ली में पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल पंप पर लगी वाहनों की कतार।

देशभर में पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार सुबह से नई दरें लागू होने के बाद वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को इस फैसले की बड़ी वजह माना जा रहा है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 3.14 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। इसके बाद नियमित पेट्रोल लगभग 97.91 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं डीजल की कीमत 3.11 रुपये बढ़कर करीब 90.78 रुपये प्रति लीटर हो गई है। प्रीमियम पेट्रोल के दाम भी 105 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये की कमजोरी के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। इसी वजह से पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा असर रोजाना सफर करने वाले लोगों, ट्रांसपोर्ट सेक्टर और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया के अनुसार, तेल कंपनियों ने देर रात पेट्रोल पंप संचालकों को नई दरों की जानकारी दी थी।

FAQ

सवाल 1: पेट्रोल और डीजल के दाम क्यों बढ़े?

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये की कमजोरी इसकी मुख्य वजह है।

सवाल 2: नई कीमतें कब से लागू हुईं?

नई दरें शुक्रवार सुबह 6 बजे से लागू कर दी गईं।

सवाल 3: सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ेगा?

दैनिक यात्रियों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और छोटे व्यापारियों पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा।

Jai Sharma | Suryoday Samachar

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