मंदिरों में लंबे समय से चल रही VIP दर्शन व्यवस्था को लेकर मद्रास हाई कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि भगवान की नजर में सभी भक्त समान हैं और किसी भी व्यक्ति को केवल पद, प्रभाव या धन के आधार पर विशेष सुविधा नहीं मिलनी चाहिए। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद VIP दर्शन व्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट कहा कि मंत्री, विधायक या अन्य प्रभावशाली लोग यह न समझें कि मंदिर उनके लिए अलग नियम बनाएगा। न्यायाधीशों ने कहा कि भगवान किसी का इंतजार नहीं करते और सभी श्रद्धालुओं को समान अधिकार मिलने चाहिए।
VIP दर्शन व्यवस्था पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
मद्रास हाई कोर्ट की पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में मंदिरों में चल रही VIP दर्शन और विशेष दर्शन व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की गई थी। अदालत ने पूछा कि जब चर्च और मस्जिदों में ऐसी व्यवस्था नहीं है तो मंदिरों में इसे क्यों जारी रखा जाए। कोर्ट ने कहा कि आम भक्तों और विशेष श्रेणी के लोगों के बीच अनावश्यक अंतर पैदा करना उचित नहीं है। हालांकि बुजुर्गों, दिव्यांगों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को आवश्यक सुविधा दी जा सकती है।
राजस्व के तर्क को नहीं माना सरकार की ओर से कहा गया कि VIP दर्शन व्यवस्था से मंदिरों को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। लेकिन अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट का मानना है कि धार्मिक स्थलों में समानता और श्रद्धा का महत्व आर्थिक लाभ से अधिक है। न्यायाधीशों ने कहा कि मंदिर प्रशासन को सभी भक्तों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। इससे श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
देशभर में बढ़ सकती है बहस कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मद्रास हाई कोर्ट की यह टिप्पणी भविष्य में कई मंदिरों की व्यवस्थाओं को प्रभावित कर सकती है। यदि इस विषय पर व्यापक दिशा-निर्देश जारी होते हैं तो देशभर में VIP दर्शन व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है।
FAQ
प्रश्न 1: VIP दर्शन क्या है?
उत्तर: यह एक विशेष व्यवस्था है जिसमें कुछ लोगों को सामान्य कतार से अलग होकर जल्दी दर्शन की सुविधा दी जाती है।
प्रश्न 2: मद्रास हाई कोर्ट ने क्या कहा?
उत्तर: कोर्ट ने कहा कि भगवान की नजर में सभी भक्त समान हैं और अनावश्यक भेदभाव नहीं होना चाहिए।
प्रश्न 3: क्या VIP दर्शन पूरी तरह बंद होगा?
उत्तर: अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं आया है, लेकिन अदालत ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्रश्न 4: किन लोगों को विशेष सुविधा मिल सकती है?
उत्तर: बुजुर्गों, दिव्यांगों और कुछ संवैधानिक पदाधिकारियों को आवश्यक सुविधा दी जा सकती है।
Prem Chand | Suryoday Samachar

