दिल्ली में IPL टिकट कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आने के बाद क्रिकेट फैंस में नाराजगी बढ़ गई है। अरुण जेटली स्टेडियम के पास दिल्ली पुलिस ने एक पेट्रोल पंप पर छापा मारकर 54 टिकट बरामद किए। इन टिकटों में कॉम्प्लिमेंट्री पास और प्राइज टिकट शामिल बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि लंबे समय से ऊंचे दामों पर टिकट बेचने का खेल चल रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक IPL टिकट कालाबाजारी के जरिए मैचों के दौरान भारी मुनाफा कमाया जा रहा था। पुलिस को शक है कि इस रैकेट में कुछ अंदरूनी लोग भी शामिल हो सकते हैं।
अब दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ से जुड़े कुछ कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार कॉम्प्लिमेंट्री पास आमतौर पर मेहमानों और आयोजकों के लिए जारी किए जाते हैं। हालांकि आरोप है कि इन्हें ब्लैक मार्केट में बेच दिया जाता था। IPL टिकट कालाबाजारी के इस मामले ने टिकट वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि टिकट किन लोगों तक पहुंचाए जा रहे थे। साथ ही इस नेटवर्क से कितनी कमाई हुई, इसकी भी जांच हो रही है। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए टिकट बेचने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
FAQ
IPL टिकट कालाबाजारी मामला कहां सामने आया?
यह मामला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम के पास सामने आया।
पुलिस को कितने टिकट मिले?
पुलिस ने छापेमारी में 54 टिकट बरामद किए।
बरामद टिकटों में क्या शामिल था?
इनमें कॉम्प्लिमेंट्री पास और प्राइज टिकट शामिल थे।
क्या DDCA कर्मचारियों की जांच हो रही है?
हां, कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
Prem Chand | Suryoday Samachar

