प्रधानमंत्री Narendra Modi का हालिया United Arab Emirates दौरा कई मायनों में अहम साबित हुआ है। इस दौरान भारत और यूएई के बीच रक्षा सहयोग, तेल आपूर्ति, एलपीजी और बड़े निवेश समझौतों पर सहमति बनी। पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan के साथ बैठक में पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता पर भी चर्चा की। पीएम मोदी यूएई दौरा के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने का फैसला लिया। इसके तहत एडवांस रक्षा तकनीक, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर जोर दिया जाएगा। साथ ही भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बढ़ाने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा यूएई की कंपनियों ने भारत में 5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की है। यह निवेश बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल सेक्टर में किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत और यूएई के व्यापारिक रिश्ते और मजबूत होंगे।
FAQ
पीएम मोदी यूएई दौरा क्यों अहम माना जा रहा है?
जवाब: इस दौरे में रक्षा, ऊर्जा और निवेश से जुड़े कई बड़े समझौते हुए हैं।
भारत और यूएई के बीच कितना व्यापार होता है?
जवाब: दोनों देशों के बीच सालाना 100 अरब डॉलर से अधिक व्यापार होता है।
एलपीजी समझौते से भारत को क्या फायदा होगा?
जवाब: इससे भारत को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति मिलेगी और कीमतों के असर को कम करने में मदद मिलेगी।
Jai Sharma | Suryoday Samachar

